सीएनटी-एसपीटी में संशोधन पर पुनर्विचार करेगी भाजपा !

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रांची। सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन पर भाजपा विधायक  एक बार फिर से पुनर्विचार करेंगे। इसको लेकर दो नवंबर को भाजपा विधायक दल की बैठक बुलायी गयी है। बैठक प्रदेश भाजपा कार्यालय में होगी। इससे पहले प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की बैठक होगी।

बैठक की राय के बाद  सीएनटी-एसपीटी एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर उसे शीतकालीन सत्र में लाया जा सकता है। विधायक दल की बैठक में सीएम रघुवर दास, प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, संगठन मंत्री सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी त्रिवेंद्र सिंह रावत, सह प्रदेश प्रभारी राम विचार नेताम के साथ मंत्री व विधायक मौजूद रहेंगे।

झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ

पहले भी हो चुकी है चर्चा

इस मुद्दे को लेकर 18 अक्तूबर को  विधायक दल की बैठक में चर्चा हो चुकी है। इसमें पार्टी के ट्राइबल  विधायकों ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन पर अलग-अलग विचार रखे थे।

कई विधायकों का मानना  था कि एक्ट में संशोधन से आदिवासियों का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा। कुछ विधायकों ने प्रस्ताव दिया था कि ऐसा  प्रावधान किया जाये कि आदिवासियों का मालिकाना हक बरकरार रखा जा सके। वैसे मालिकाना हक तो पहले से है, पर इसे और स्पष्ट किये जाने पर बात होगी।

इसके  बाद भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी को ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेवारी सौंपी  गयी थी। उन्होंने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसी ड्राफ्ट पर दो नवंबर को चर्चा होगी।

विपक्ष कर रहा है आंदोलन

सीएनटी-एसपीटी में संशोधन को लेकर विपक्ष लगातार आंदोलन कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सीएनटी-एसपीटी में किसी तरह का संशोधन स्वीकार नहीं किया जायेगा। यह आदिवासियों का अस्तित्व खत्म करने की साजिश है। यही नहीं सत्ताधारी दल के भी कई विधायक और नेता इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।

शीतकालीन सत्र में आयेगा बिल

सीएनटी-एसपीटी में संशोधनन का बिल विधानसभा के शीतकालीन सत्र में लाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री रघुवर दास चाहते हैं कि विधानसभा में इस पर विस्तृत चर्चा हो और इस पर आम सहमति बने।

जल्द बुलायी जा सकती है टीएसी की बैठक

सीएनटी-एसपीटी पर भाजपा विधायकों की राय के बाद इस प्रस्ताव को टीएसी की बैठक में रखा जायेगा। इसके लिए नवंबर प्रथम सप्ताह में टीएसी की बैठक बुलायी जा सकती है।

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