सांसद रामटहल चौधरी तक के घर की नाली का पानी स्कूल परिसर में होता है जमा

Share Button

schमुकेश भारतीय
रांची।
पीएम नरेन्द्र मोदी जी ने जब अपार बहुमत के साथ सत्ता में आए तो उन्होंने सर्वप्रथम गांधी का सपना स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। ओरमांझी में भी भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने हाथ में झाड़ू लेकर खूब फोटो खिंचवाए। इसका कितना असर हुआ, इसका अंदाजा चकला मध्य विद्यालय परिसर अवस्थित प्रखंड संसाधन केन्द्र और कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के मेन गेट और उसके अंदर-बाहर देख कर बखूबी लगाया जा सकता है।

इस परिसर में प्रवेश करने के ठीक पहले असहनीय बदबूदार नाली-पखाना के दिन-रात बहते पानी से होता है। ऐसे तो ठीक सामने समूचे सड़क पर सालो भर यही आलम होता है लेकिन, हल्की बारिश में ही समूचा परिसर नाली के पानी से जल मगन हो जाता है। बरसात में हालत वद से वद्दतर नजर आती है।

इस नाली में उन जनप्रतिनिधियों के घर के नाली की पानी भी बहती है, जिनके बारे सुनकर कोई भी चौंक उठेगा। उनमें मुखिया (पूर्व जिला पार्षद) वीणा देवी, ग्राम प्रधान बालक पाहन, पूर्व मुखिया बल्लू पाहन के आलावे स्थानीय सांसद रामटहल चौधरी के नाम शुमार हैं।

करीव पांच साल यह नाली पक्की अवस्था में चकला बस्ती की ओर बहती थी। बाद में कुछ लोगों ने नाली को क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर के सामने मिट्टी डाल बंद कर दिया। उनका कहना है कि वे नाली का पानी अपने घरों के सामने खेतों की ओर नहीं जाने देगें।

हालांकि परिसर से एनएच 33 की दिशा में नाली का बहाव किया जा सकता है। एनएच 33 के फोरलेनिंग के बाद सड़क किनारे गहरी नाली का निर्माण किया गया है। जो कि प्रभावित स्थल से बामुश्किल सौ फीट की दूरी है।

कहा  जाता है कि पूर्व पंचायत समिति से नाली निर्माण का कार्य पास हुआ था लेकिन, फंड के अनुरुप काम करना था लेकिन लोग काम नहीं किए। पूर्व पंचायत समिति सदस्य ने नाली के लिए एडवांस राशि भी लिए लेकिन, लोग नाली नहीं खोदने देने का बहाना बनाने लगे।  उनसे नोटिश भेज राशि वसुलने की कार्रवाई की जा रही है।

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.