सरना धर्म बदलने वाले को वोट नहीं दें: गुरु बंधन तिग्गा

Share Button

माता मरियम की मूर्ति को लाल पाड़ साड़ी पहनाने व कुरमी जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की कोशिश का विरोध

सरना धर्म गुरु बंधन तिग्गा ने धर्म बदलने वाले नेताओं पर सीधा हमला करते हुए समाज के लोगों से मांग की है कि जिन लोगों ने अपना धर्म बदल दिया है, उन्हें आने वाले लोकसभा, विधानसभा और अन्य चुनावों में अपना वोट नहीं दें।

sarna dharmसरना धर्म गुरु बंधन तिग्गा झारखंड की राजधानी रांची में अखिल भारतीय सरना धार्मिक एवं सामाजिक समन्वय समिति द्वारा आयोजित सरना धर्म जनाक्रोश महारैली को मुख्य वक्ता के रुप में संबोधित कर रहे थे।

बंधन तिग्गा ने कहा कि आज सरना समाज पर चारों ओर से हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल र्इसाइयों द्वारा ही हमला नहीं हो रहा है, बल्कि जो लोग प्रकृति की उपासना नहीं करते है,उनकी ओर से हमला हो रहा है।

उन्होंने रांची के धुर्वा स्थित सिंगपुर चर्च में माता मरियम को लाल पाड़ साड़ी पहनाने का विरोध करते हुए कहा कि सरना समाज को कमजोर करने वाली शक्तियों को पहचाने की जरुरत है।

उन्होंने कहा कि सरना समाज की युवतियों को फंसा कर गैर सरना धर्मावलंबियों द्वारा शादी कर जमीन हड़पने की कोशिश की जा रही है,.इसलिए सरना आदिवासी महिला और गैर सरना युवकों की शादी होने पर सरना महिलाओं का आदिवासी जमीन पर कोर्इ अधिकार नहीं रह जाता है,इसलिए केंद्र सरकार को इस दिशा में कानून बनाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरना महिलाओं को बहला-फुसलाकर विधायक बनाने की सब्जबाग दिखाया जा रहा है। कर्इ पंचायतों में मुखिया व प्रखंडों में प्रमुख भी बन चुकी है, लेकिन ऐसे लोगों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक बड़ी लड़ार्इ लड़नी है, दूसरे धर्म में धर्मगुरुओं व त्याग करने वाले परिवार को समाज काफी कुछ देता है, सरना धर्म में भी एकजुट होकर लड़ार्इ को आगे बढ़ाने के लिए सबका पहल करनी होगी।

इस मौके पर करमा उरांव ने सरना धर्म कोड को लागू करने, धर्मांतरण पर रोक लगाने, सरना आदिवासी महिलाएं व गैर आदिवासी पुरुष के बीच शादी होने पर उस परिवार को जमीन से बेदखल करने, सीएनटी व एसपीटी एक्ट को प्रभावी तरीके से लागू करने, चर्च में माता मरियम की मूर्ति से लाल पाड़ साड़ी हटाने की मांग की गयी।

इस मौके पर आरती कुजूर, अजय तिर्की, नागेवर मुंडा, जतरु उरांव नेपाल से आये आशीष उरांव, उड़ीसा से आये मणिलाल केरकेट्टा,बिहार से आये ललित भगत, शिवा कच्छप, कजरु मुंडा समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। कुछ वक्ताओं ने कुरमी जाति को राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की कोशिश का विरोध किया गया, वहीं मंच से रांची मास्टर प्लान 2037 का भी विरोध किया गया।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...