समूचे झारखंड से ठुकराया गया विकलांग बच्चा पहुंचा भुसुर !

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bhusur2राजनामा.कॉम। रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड के भुसुर गांव अवस्थित महर्षि बाल्मिकी विकलांग एवं अनाथ कल्याण सेवाश्रम संस्थान में कुछ दिन पहले पहुंचाए गए मानसिक एवं शारीरिक रुप से लाचार एक बच्चा इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस बच्चे को झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग एवं बाल कल्याण समिति के सहयोग से किसी चन्द्रा रश्मि नामक सेविका अपने सहयोगियों के साथ मिल कर पहुंचाई है।

कहा जाता है कि यह बच्चा लावारिस स्थिति में चर्च रोड, लोअर बाजार थाना अंतर्गत गत 20 जून को पुलिस द्वारा बरामद किया गया था। इसके बाद से बच्चे की देख-रेख उनके घर में हो रही थी।

इस दौरान कई सरकारी एवं गैर सरकारी से बच्चे की जिम्मेवारी लेने के लिए पूरे झारखंड प्रदेश में प्रयास किए गए लेकिन किसी ने इसकी जिम्मेवारी नहीं ली।

bhusur1इस संबंध में अवस्थित महर्षि बाल्मिकी विकलांग एवं अनाथ कल्याण सेवाश्रम संस्थान के सचिव विकलांग मंगलदेव महतो ने बताया कि उनके सेवाक्षम में मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी होने के बाबजूद इस  तरह के बच्चे को रखने को तैयार हुए हैं। उनकी संस्था गृह में शौचालय, बाउंड्री, पीने का पानी तक की व्यवस्था नहीं है। प्रति माह 2000 रुपए मासिक किराया शुल्क पर चल रहे 4 कमरों वाली मकान की स्थिति काफी जर्जर हो गई है। इस संस्था में फिलहाल 25 बच्चें हैं। उनमें 13 विकलांग बच्चे शामिल हैं।

श्री महतो ने आगे बताया कि चन्द्रा रश्मि ने इस बच्चे को सौंपते समय यह आश्वासन दिया है कि ऐसे बच्चों को रखने की उचित व्यवस्था के लिए वह राज्य सरकार से मांग करेगी। इस मौके पर चन्द्रा रश्मि के साथ अविनाश, सोनी कच्छप, आरती कच्छप, सोनाली आहुजा, आशा तिर्की आदि उपस्थित थे। (राजनामा.कॉम की टीम ने आज भुसुर गांव का दौरा किया और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर व्यवस्था को आयना दिखाने वाली कई सनसनीखेज जानकारियां जुटाई है। जो कि  जल्द ही किस्तों में आप सुधि पाठकों के समक्ष होगी)

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