समाजिक बदलाव के लिये जरुरी है विचार परिवर्तन :नीतीश कुमार

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज पुनपुन प्रखण्ड के जट डुमरी पंचायत के सम्मनचक महादलित टोला में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित झंडोत्तोलन समारोह में शामिल हुए। सम्मनचक के बुजुर्ग महादलित सदस्य चंद्रिका मोची ने झंडोत्तोलन किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महादलित टोलों में गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उस टोले के बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा झंडोत्तोलन की परम्परा का शुरूआत किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम को देखकर तथा इसमें शामिल होकर काफी प्रसन्नता हो रही है। यह कार्यक्रम पूरे राज्य में धूमधाम के साथ आयोजित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस इलाके से मेरा पुराना संबंध है। इस क्षेत्र के लोगों के सहयोग से मैं पांच बार सांसद बना। इस योगदान के लिऐ मैं आपलोगों को कभी नहीं भूला सकता। आप लोगों ने जो प्रेम, स्नेह दिया है, इसके लिये मैं हमेशा आपलोगों का आभारी रहूंगा और जिस क्षमता में रहूंगा आपकी सेवा करता रहूंगा। लोकतंत्र में जनता ही मालिक है। यह कार्यक्रम अनुकरणीय है और आशा है आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों में भी इसे अपनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  समाज को बदलने के लिये लोगों के विचार मे परिवर्तन जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने चुनाव के पूर्व किऐ गऐ वादे के अनुरूप शराबबंदी के लिये नई नीति लाने का एलान किया है। यह नीति एक अप्रैल से लागू होगी। उन्होंने कहा कि अब महिलाओं की जिम्मेवारी है कि इसके लिऐ वातावरण बनायें और लोगों को जागरूक करें। शराब पीने से गरीब आदमी का स्वास्थ्य तो खराब होता ही है उनके बच्चों का भविष्य भी खराब हो जाता है। शराबबंदी के लिऐ जनजागरण जरूरी है। शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिये कई काम किए जा रहे हैं। जन शिकायत के निपटारे के लिये सरकार ने कानून बना दिया है, इसके लिये नियमावली बनायी गई है जो एक मई से लागू हो जाएगी। जन शिकायत के लिये राज्य के लोगों को कानूनी हक प्रदान हो जाएगा। इसके लिये अनुमंडल और जिला में केन्द्र स्थापित किए जाएंगे, अलग से पदाधिकारी पदास्थापित होंगे, अपीलीय प्राधिकार बनेगा, जन शिकायत के निपटारे में तेजी आएगी। जो पदाधिकारी शिथिलता बरतेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के अंतिम पायदान के लोगों के लिये काम करना सरकार की प्रतिबद्धता है और सरकार के न्याय के साथ विकास का लक्ष्य भी है। हमारी सरकार वंचितों को मुख्य धारा में लाने के लिये प्रयत्नशील है। महादलितों के कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ चलायी जा रही हैं। महादलित विकास मिशन का गठन किया गया है। अतिपिछड़ों के विकास के लिये कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पंचायती राज संस्थाओ में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जिसका अनुकरण देश के अन्य हिस्सों में हो रहा है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण मिडिल स्कूल के बाद शिक्षा जारी नहीं रख पाने वाली छात्राओं के लिए हमारी सरकार ने पोशाक योजना, साईकिल योजना की शुरूआत की। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम अपनाए गए। छात्रों को भी साइकिल का लाभ दिया गया। नतीजा हाई स्कूलों में लड़कियों की संख्या लड़कों के बराबर हो गई। महिला सशक्तिकरण की कड़ी में आगे स्वयं सहायता समूह के गठन को बढ़ावा देकर पांच साल में 10 लाख स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इससे महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण आया और महिलाएं बाल विवाह, भू्रण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संगठित होने लगी है।

                मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय पर काम चल रहा है। युवाओं के लिये स्टूडेंड क्रेडिट कार्ड, कौशल विकास की योजना एवं सहायता भत्ता का विकल्प लागू होगा। इसके लिऐ प्रत्येक जिले में निबंधन केन्द्र स्थापित होंगे। निबंधन के साथ आधार कार्ड बनेगा और बारहवीं या उसके बाद अपनी इच्छा अनुसार युवा इन योजनाओं में से किसी एक का लाभ ले सकेंगे। हमारी सरकार सभी के लिये विकास का काम कर

रही है और करती रहेगीं। हर अनुमंडल में आईटीई बनेगा, हर घर में शौचालय, पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था, हर गांव में नाली और गली का निर्माण, हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज की व्यवस्था की जायेगी। बिहार में कानून का राज है और कानून का राज रहेगा। सरकार विकास कार्यों में लगी रहती है और कुछ लोग किसी घटना को लेकर हंगामा करने में लगे रहते हैं। राज्य में हर घटना पर सरकार की नजर है। घटना होने के बाद त्वरित कार्रवाई होती है। अपराधी पकड़े जा रहे हैं। उन्हें सजा दिलाने की हरसंभव व्यवस्था की जा रही है परन्तु सरकार के प्रयास के साथ-साथ आप सबका सहयोग जरूरी है। समाज में प्रेम, मोहब्बत, भाईचारा बनाये रखें तो बिहार को आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। सराकर ने मिशन मोड में विकास की गति को तेज करने के लिये बिहार विकास मिशन का गठन किया है। इसके माध्यम से राज्य के विकास को और गति दी जायेगी।

                समारोह स्थल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन पर पुष्प-गुच्छ प्रदान कर लोगों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित शिलापट्ट का अनावरण कर कई विकास योजनाओं का शुभारंभ किया। विकास योजनाओं में उक्त महादलित टोले में विद्यालय भवन निर्माण, आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण एवं सामुदायिक भवन-सह-वर्क शेड निर्माण की योजना शामिल है।

मुख्यमंत्री के कर कमलों से लाभार्थियों के बीच शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र एवं चेक का वितरण किया गया। इसके अलावा पारिवारिक लाभ योजना, बिहार निःशक्तता पेंशन योजना, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सुरक्षा पेंशन योजना, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, स्वयं सहायता समूह ‘जय गंगा’ को सहायता राशि का चेक एवं जरूरतमंदों बीच चश्मा का वितरण किया गया। महादलित परिवार के स्कूली बच्चों के बीच स्कूल बैग का भी वितरण मुख्यमंत्री ने किया। कार्यक्रम से लौटने के क्रम में मुख्यमंत्री ने महुली ग्राम स्थित शहीद राम गोविन्द सिंह जी की प्रतिमा पर माल्यर्पण भी किया।

                इस अवसर पर स्थानीय विधायक श्री श्याम रजक ने भी अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में सांसद श्री आर.सी.पी. सिंह, पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम रजक, विधान पार्षद संजय सिंह एवं रणवीर नन्दन, पूर्व सांसद गणेश प्रसाद सिंह, पूर्व विधान पार्षद बाल्मिकी सिंह, पूर्व विधायक अरूण मांझी समेत काफी संख्या में क्षेत्र के आमलोग उपस्थित थे।

                मुख्यमंत्री ने समारोह के बाद पत्रकारों द्वारा अरूणाचल मामले पर पूछे जाने पर कहा कि केन्द्र में जो बैठे हुये लोग हैं, दूसरे दल के सरकार को बर्दाश्त नहीं कर पाते, यह बिल्कुल गलत काम है। पिछले डेढ़ महीने से अरूणाचल प्रदेश की सरकार को अस्थिर करने के लिये सारी साजिश रची जा रही है, यह बहुत गलत है।

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