सत्ता से जाते-जाते मीडिया का मुंह सील गये मुंडा जी !

Share Button

भाजपा के श्री अर्जुन मुंडा सीएम की कुर्सी से जाते-जाते सरकारी खजाना उड़ेल कर मीडिया के मुंह सील दिये हैं। यही कारण है कि मीडिया में झारखंड वास्तविक हृदय विदारक तस्वीर दिखाई नहीं दे रहा है। जिस मीडिया हाउस की जितनी बड़ी पहचान, उसे उसी अनुपात में विज्ञापन आवंटित किये गये हैं।
कहा जाता है कि श्री मुंडा द्वारा झारखंड सूचना एवं जन संपर्क विभाग के वर्तमान निदेशक आलोक कुमार को सीसीएल से उठा कर मीडिया को विज्ञापन का मनचाहा टुकड़ा फेंक कर पटाने के लिये ही लाया गया है। 
श्री कुमार राजधानी रांची के स्थानीय होने के साथ होटल समेत अन्य व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनके कभी झामुमो सुप्रीमों शिबू सोरेन से भी अच्छी जान-पहचान रही है। सीसीएल कर्मी से सीधे सूचना एवं जन संपर्क विभाग के निदेशक बनाये जाने के पिछे एक स्थानीय दैनिक समाचार पत्र की लॉबिंग का भी काफी योगदान रहा है।
बहरहाल, हम बात करते हैं राष्ट्रीय स्तर के अखबार निकालने के दंभ भरने वाले स्थानीय मीडिया हाउसों की, जिन पर वर्ष 2011-2012 में विज्ञापने के रुप में सरकारी खजाना उड़ेले गये हैं।
jharkhand newsसत्ता का सबसे चहेता माने जाने दैनिक प्रभात खबरको वर्ष 2008-2009 में 2,64,56,258 (दो करोड़ चौसठ लाख  छप्पन हजार दो सौ छप्पन) रुपये, वर्ष 2009-2010 में 2,68,31,849 (दो करोड़ अड़सठ लाख इकतीस हजार आठ सौ उन्नचास) रुपये, वर्ष 2010-2011 में 2,01,40,440 ( एक करोड़ एक लाख चालीस हजार चार सौ चालीस) रुपये तो वहीं, वर्ष 2011-2012 में 4,58,12,477 ( चार करोड़ अन्ठावन लाख बारह हजार चार सौ सततर) रुपये मूल्य के विज्ञापन दिये गये।
 दैनिक जागरण, रांची को वर्ष 2008-2009 में 1,92,90,013 (एक करोड़ बानवे लाख नब्बे हजार तेरह) रुपये, वर्ष 2009-2010 में 1,88,68,336 (एक करोड़ अठासी लाख अड़सठ हजार ती सौ छत्तीस) रुपये, वर्ष 2010-2011 में 1,43,93,289 ( एक करोड़ तेतालीस लाख तीरानवे हजार दो सौ नव्वासी) रुपये तो वहीं, वर्ष 2011-2012 में 3,57,43,852 ( तीन करोड़ सनतावन लाख तेतालीस हजार आठ सौ वावन) रुपये मूल्य के विज्ञापन दिये गये।
रांची से प्रकाशित दैनिक ह्न्दुस्तान को वर्ष 2009-2010 में 2,37,78,791 (दो करोड़ सईंतीस लाख अठहतर हजार सात सौ एकानवे) रुपये, वर्ष 2010-2011 में 1,95,87,171 ( एक करोड़ पनचानवे लाख सतासी हजार एक सौ एकहतर) रुपये तो वहीं वर्ष 2011-2012 में 4,04,31,585 ( चार करोड़ चार लाख एकतीस हजार पांच सौ पचासी) रुपये मूल्य के विज्ञापन दिये गये।
रांची से ही प्रकाशित दैनिक भास्कर को वर्ष 2008-2009 में 16,27,331 (सोलह लाख सताइस हजार तीन सौ इकतीस) रुपये, वर्ष 2009-2010 में 12,67,179 (बारह लाख सड़सठ हजार एक सौ उनासी) रुपये, वर्ष 2010-2011 में 13,54,179 (तेरह लाख चौवन हजार एक सौ उनसी) रुपये तो वहीं वर्ष 2011-2012 में35,43,003 ( पैंतीस लाख तेतालीस हजार तीन) रुपये मूल्य के विज्ञापन दिये गये।
उपरोक्त आकड़ों से स्पष्ट है कि रांची से प्रकाशित प्रमुख चार अखबारों को पिछले अन्य वर्षों की तुलना में वित्तीय वर्ष 2011-12 में विज्ञापन मद की राशि चार गुणा अधिक का भुगतान किया गया।
आलावे झारखंड के अन्य क्षेत्रों या देश के अन्य क्षेत्रों से प्रकाशित प्रायः छोटे बड़े सभी समाचार पत्रों की विज्ञापन आवंटन राशि चार-पांच गुणी बढ़ी हुई है। सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में कुल 41 समाचार पत्रों को भुगतान किये राशि की विवरणी उपलब्ध कराई गई है। उसे देख कर प्रतीत होता है कि विभाग द्वारा कई समाचार पत्रों के आकड़ें छुपा ली गई है। जहां सत्ता संरक्षण में  विभागीय घालमेल कहीं अधिक छुपी है। 
……….. मुकेश भारतीय
Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...