संगीता उर्फ धोबड़ी वाली ने खोला कई सफेदपोशों का राज

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एक आइपीएस व पत्रकार सहित कई लोगों से थे आंतरिक संबंध। चलाती थी सेक्स रैकेट, पत्रकार से बनवाती थी वीडियो क्लीप।।

 sangeetaपीएमसीएच से फरार और बाद में गिरफ्तार संगीता देवी उर्फ धोबड़ी वाली ने गुरुवार को जहानाबाद पुलिस के समक्ष कई चौंकाने वाले ओर सनसनीखेज बयान दिए हैं जिस बयान की पुलिस ने वीडियो रिकार्डिंग भी कराई है।

संगीता देवी ने पुलिस को बताया है कि उसके आंतरिक और शारिरिक संबंध जहानाबाद में एसपी पद पर छह माह के लिए पदस्थापित व प्रमोटिव आईपीएस अधिकारी व एक अंग्रेजी पत्रिका के कथित पत्रकार के साथ भी रहा है।

संगीता ने यह भी बताया कि उस पत्रकार ने ही जहानाबाद के नोनहीं गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा नामक एक बीडीयो की वीडियो क्लीपींग छुपकर ली थी ताकि बाद में उनको ब्लैकमेल किया जा सके।

गौरतलब है कि सोमवार की ही शाम डार्क काला शीशा और नेशनल प्रेस का स्टीकर लगे उक्त पत्रकार को उसकी उजले रंग की स्कार्पियो के साथ पुलिस ने उस समय पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था जब वह अपनी गाड़ी को जहानाबाद सदर अस्पताल के शौचालय के समीप पार्किंग कर रहा था। तब पुलिस ने उसे गाड़ी समेत कड़ौना थाने में ले जाकर लगभग तीन घंटो तक पूछताछ की थी।

संगीता देवी के बयान से यह साफ झलक रहा है कि वह जहानाबाद में सेक्स रैकेट चलाती थी जिस रैकेट में कई सफेदपोश भी शामिल हैं जिसका खुलासा जल्द ही हो सकता है। इधर संगीता उर्फ धोबड़ी वाली के स्वीकारोक्ति बयान के बाद पुलिस के आलाधिकारी भी असंमज की स्थिति में हैं।

संगीता के जहानाबाद के एक पूर्व एसपी व आईपीएस अधिकारी से अंतरंग संबंध होने के बाबत पूछे जाने पर राज्य के पुलिस प्रमुख पी के ठाकुर ने कहा कि अभी उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है उन्हें जैसे ही इसकी जानकारी मिलेगी वह उक्त आईपीएस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा गृह विभाग से करेंगे।

बहरहाल छह माह तक जहानाबाद के एसपी के रुप में पदस्थापित वह आईपीएस अधिकारी इन दिनों बिहार पुलिस एकादमी में पदस्थापित हैं। कुछ वर्ष पूर्व हुए सिपाही बहाली के दौरान चयन कमेटि के मेबर बनाए गए इस प्रमोटिव आईपीएस के भागलपुर में एक होटल में ठहरने और वहां उनके द्वारा अय्याशी किए जाने के मामले की रिपोर्ट पूर्व में भी प्रकाश मे आयी थी।

तब तत्कालीन डीजीपी के आदेश पर कड़क आईपीएस अधिकारी रविंन्द्रण शंकरण ने इस मामले को सही पाते हुए डीजीपी को अपनी रिपोर्ट समर्पित की थी जिस विभागीय कार्रवाई के कारण ही ये आईपीएस अधिकारी आज तक डीआईजी पद पर प्रमोशन नहीं पा सके। ( पटना से पत्रकार विनायक विजेता के फेसबुक वाल से)

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