संकट में सुबोध, नहीं मान रहे युवराज !

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subodhझारखंड की राजधानी रांची लोकसभा सीट से कांग्रेस के एकलौते सीटिंग सुबोधकांत सहाय संकट में हैं। रांची सीट का टिकट पार्टी के युवराज राहुल गांधी ने अपनी जेब में रख ली है। वे सुबोधकांत को देगें या किसी और को, कुछ नहीं कहा जा सकता। 

पार्टी सूत्रों के आधार पर यहां की मीडिया के कयास है कि क्रिकेटर अजरउद्दीन, अभिनेता राज बब्बर, अभिनेत्री नग्मा या फिर स्थानीय नेता गोपाल साहु पर राहुल मेहरबान हो सकते हैं। फिलहाल गोपाल साहु की संभावना अधिक लग रही है। 

यूपीए की मनमोहन सरकार में मलाईदार मंत्री रहे कैबिनेट मंत्री रहे सुबोधकांत सहाय की रांची से टिकट कटने के कयास काफी पहले से लग रही है।

कहा जाता है कि सुबोधकांत सहाय के कामकाज को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी खासे नाराज थे।  कांग्रेस इस बार दागी मंत्रियों और नेताओं को किनारे करना चाहती है।  इसी के तहत सुरेश कलमाडी, पवन बंसल और सुबोधकांत सहाय को टिकट नहीं देने का फैसला किया है।

उल्लेखनीय है कि  कोयला आवंटन में हुई कथित गड़बड़ी में सुबोधकांत सहाय का नाम सुर्खियों में रहा था।  इसके बाद सुबोधकांत को केंद्रीय मंत्री पद से हाथ भी धोना पड़ा था।

हटिया विधानसभा उपचुनाव में सुबोधकांत सहाय को अपने भाई सुनील कुमार सहाय को उम्मीदवार बनाना भी भारी पड़ा।  हटिया में कांग्रेस की जमानत नहीं बची।  प्रदेश कांग्रेस के अंदर खेमेबंदी को लेकर भी आलाकमान ने सुबोधकांत को घेरा है।

और तो और, जब रांची की कांग्रेस समर्थित मेयर रमा खलको से जुड़े ” नोट फॉर वोट” मामले में फंसी तो उसमें सुबोधकांत के करीबियों खासकर उनके भाई सुनील कुमार सहाय के नाम उभर कर सामने आया। इस प्रकरण में पार्टी सुबोधकांत की भूमिका को भी काफी गंभीरता से लेकर चल रही है।

कांग्रेस से टिकट न मिलने की हालत में आजसू के चुनाव चिन्ह पर मैदान मारने की खबरें आने से साफ स्पष्ट होता है कि सुबोधकांत सहाय को अनहोनी की आशंका पहले से ही है। फिर भी वे अपने समूचे लाव-लश्कर के साथ नई दिल्ली में  राहुल गांधी की जेब से अपना टिकट निकलवाने के लिये हाथ-पैर मार रहे हैं। 

जानकारों के अनुसार वे अपने इस मुहिम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक क्षमा याचना कर चुके हैं। लेकिन उन्होंने भी राहुल गांधी का हवाला देकर टरका दिया है। 

अब देखना है कि सुबोध राहुल की जेब से अपना टिकट निकाल पाने में सफल हो पाते हैं या नहीं। येन केन प्रक्रेरेण यदि वे हो भी गये तो पहली सूची से नाम गायब होने के बाद हुई अपनी तार-तार छवि के बल क्या गुल खिलायेगें, यह तो अल्लाह ही जाने।  ………..मुकेश भारतीय 

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