शुक्रिया सरायकेला उपायुक्त, संतोष सरीखे पत्रकारों के जज्बे को सलाम

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वैसे तो सरायकेला-खरसावां जिले के दर्जन भर पत्रकारों को सम्मानित किया गया मगर कोल्हान के जुझारू और बेबाक पत्रकारिता के लिए चर्चित सीनियर पत्रकार एबी न्यूज़ के कोल्हान ब्यूरो संतोष कुमार को सम्मानित किए जाने के फैसले का एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क सराहना करती है…….”

 जमशेदपुर (राजनामा.कॉम)। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर देश भर में कई कार्यक्रम अयोजित किए गए। वहीं सरायकेला खरसावां जिला में भी 10 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्य कार्यक्रम सरायकेला स्थित टाउन हॉल में आयोजित किया गया। जहां जिले के उपायुक्त सहित तमाम प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान विधानसभा एवं राज्यसभा चुनाव के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ एवं प्रशासनिक कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।

इससे पूर्व उपायुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। वहीं मतदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मतदान प्रतिज्ञा भी दिलाई।  इसके अलावा मतदान के लिए प्रेरित करने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

साथ ही जिले के पत्रकारों का हौसला अफजाई करते हुए जिले के उपायुक्त ने मतदान के दौरान किए गए कार्यों के आधार पर निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

सम्मानित होनेवालों में न्यूज़ 18 के सरायकेला रिपोर्टर विकास कुमार, दैनिक भास्कर के अलाउद्दीन, संजीव कुमार मेहता, प्रभात खबर के सचीन्द्र दास, दैनिक जागरण के लखीन्द्र दास, हिन्दुस्तन के रणधीर कुमार राणा, रमजान, एपीएन न्यूज़ के चंद्रमणि वैद्य, न्यूज़ 11 के सुदेश कुमार, सहारा समय के बसंत साहू, विपिन मिश्रा, उदितवाणी के प्रेम कुमार सिंह, आजतक के मनीष कुमार लाल दास आदि शामिल हैं।

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ नेटवर्क सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन के पत्रकारों को सम्मानित किए जाने के फैसले का सम्मान करती है। एक पत्रकार के लिए सम्मान ही पत्रकारिता की सबसे बड़ी कसौटी मानी जाती है।

आज भले वर्तमान दौर में मीडिया का स्तर सबसे निम्न हो चला है मगर जिला प्रशासन ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अगर मीडियाकर्मियों की हौंसलाफ़जाई करे तो निश्चित जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।

वेशक संतोष कुमार ने अपने झुझारूपन और क्रांतिकारी लेखनी के कारण महज 7 सालों में झारखंड स्तर के पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाई है। ये अगल बात है कि उन्होंने ज्यादा समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम किया है। मगर उनकी लेखनी काफी प्रभावित करती रही है।

संतोष कुमार बताते हैं कि बड़े मीडिया घरानों में पत्रकारिता दम तोड़ देती है। जहां से लिखने की आजादी समाप्त हो जाती इसलिए वे बड़े मीडिया समूहों से जुड़ने से गुरेज करते रहे हैं।

यहां ये भी बताना जरूरी है कि संतोष कुमार न केवल पत्रकारिता बल्कि पत्रकारों के हित के मामले में किसी भी दीवार से टकराने का हौंसला रखते हैं। पत्रकारिता पर जब भी सासन-प्रशासन की नजरें टेढ़ी हुई है। उन्होंने बेबाकी के साथ सीधा संघर्ष किया है।

जब कोई पत्रकार मुसीबत में उन्हें आवाज लगाया है, वे आर्थिक और शारीरिक रूप से खड़े हो कर सहयोग करने से भी नहीं घबराते हैं। भले इंसानी प्रवृत्ति के कारण कुछ एहसान फरामोश पत्रकार इस बात से परहेज कर सकते हैं, लेकिन आत्ममंथन के वक्त वे भी इससे इनकार नहीं कर सकते।

जहां तक मुझे याद आता है- जमशेदपुर, सरायकेला और रांची के अनगिनत पत्ररकारों की लंबी फेहरिस्त है, जिन्हें संतोष कुमार ने आर्थिक और कानूनी लड़ाई लड़ने में सहयोग किया है।

कोल्हान के दिग्गज पत्रकार रहे आदरणीय विनोद शरण जी से पत्रकारिता का ककहरा सीखने वाले संतोष कुमार निश्चित रूप से आज के दौर में पत्रकारिता और पत्रकारों के लिए अलग पहचान बना रहे हैं। एक्सपर्ट मीडिया ग्रुप उनके जज्बे को सलाम करता है।

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