रैली को विफल करने की हुई बर्बर कोशिश :मरांडी

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रांची।  सीएनटी-एसपीटी एक्ट में बदलाव के खिलाफ रांची में आयोजित आदिवासी महारैली में शामिल होने के लिए 22 अक्तूबर को खूंटी जिला के सैको में जमा हुए लोगों पर गोली चलाये जाने के विरोध में विपक्षी दलों की बैठक झाविमो मुख्यालय रांची में हुई।

बैठक के बाद मीडिया से रू-ब-रू कांग्रेस नेता तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने सोची समझी साजिश के तहत विपक्ष की महारैली को विफल करने के लिए हर हथकंडा अपनाया लेकिन, सरकार सफल नहीं हो सकी। जान बूझकर धारा 144 लगाकर निर्दोष आदिवासियों पर गोलियां बरसायी गयी।

rami-harmuइस मौके पर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लगातार आदिवासियों की रैली और विरोध प्रदर्शनों से सरकार में भय उत्पन्न हो गया है। सरकारी मशीनरी ने रैली में शामिल होने वाले ग्रामीण व आदिवासियों को रोकने के लिए राज्यभर में पूरी ताकत लगा दी। पुलिस ने बर्बरता का प्रदर्शन किया और निर्दोष लोगों पर मनगढंत आरोप लगाये और फर्जी मुकदमे दायर किये हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि विपक्षी नेता 23 अक्तूबर को मृतक अब्राहम मुंडा के यहां जा रहे थे तब भी पुलिस द्वारा लोगों को परेशान किया गया। उन्होंने बताया कि खूंटी के उपायुक्त से बातचीत कर कहा कि निर्दोष लोगों की धरपकड़ बंद करें। उन्होंने कहा 22 को रैली में शामिल होने वाले लोग घरेलू हथियारों के साथ शामिल हुए, जिसको बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार मृतक के परिजन को मुआवजा के रूप में 25 लाख रुपये तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करे। विपक्ष की बैठक में जदयू की सुधा चौधरी, सीपीआई के केडी सिंह, राजद के अनिल सिंह आजाद, सपा के मनोहर यादव, एमसीसी के सुशांत मुखर्जी, समाजसेवी दयामनी बारला सहित कई लोग मौजूद थे।

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