राजनीति की नजाकत को समझे आज के युवा

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bjp congessराजनामा.कॉम। आज कहा जा सकता है कि आजादी के बाद भारत पहली बार इतनी गहरी नाकारात्मक राजनीतिक दौर से गुजर रहा है.आक्सफोर्ड हार्वर्ड मेँ पढ़े लोग आज भारत को सही दिशा नही दे पा रहे. देशभक्त जागरुक नेताओ के साथ साथ देश की जनता मेँ खलबली मची हुई है. भ्रष्टाचार सभी दफतरो को अपने सिकंजे मेँ पूरी तरह कैद कर चुका है।

भ्रष्ट मंत्री ,अधिकारी भ्रष्टाचार के विरुध आयोजित कार्यक्रमो के चीफ गेस्ट बन रहे है. स्वच्छ और ईमानदार शासन की कोई किरण दिखाई नही दे रही है .ईमानदार व्यक्ति पागल और मूर्ख समझे जा रहे है .जो जितना निचे गिर रहा है उतनी ही बड़ी मकान और तिजोरी बना रहा है।

इन्ही भ्रष्ट अधिकारी, मंत्री को हमारे देश के भोले-भाले नागरिक भविष्य निर्माता समझ रही है .जब ऐसी स्थिती उस देश की हो जिसमेँ आधे से अधीक आबादी युवाओ की है ,तो समझा जा सकता है कि युवा वर्ग अपने कर्तव्य का पालन सही तरीके से नही कर रहा है और वह कहीँ न कहीँ अपने राह से भटक गया है।

इसे विड़म्बना ही कहा  जा सकता है और यह लाजमी भी है कि जिस देश मेँ भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस जैसे लोग पैदा हुए हो जो अपने देश के लिए जवानी कुर्बान कर दी उस देश मे युवाओ के रोल मॉडल भगत सिँह और सुभाष चंद्र बोस न होकर सचिन तेंदुलकर और सलमान खान हैं।

दिनो दिन मै और भारत में खाई बढ़ती ही चली जा रही लोग अपने और देश को अलग समझने लगे है तब अब ऐसी स्थिती मेँ युवाओ को अपनी निँद से जाग कर सक्रिय होना पड़ेगा। अपने देश की अच्छी और गंदी राजनीति को समझना पड़ेगा. ब्रांडेड जिँस, टी सर्ट और सैंडल से उपर उठ अपने देश के बारे मेँ भी सोचना पड़ेगा। अभी युवाओ की जिम्मेदारी इस लिए भी महत्वपूर्ण है कि सारी पार्टिया इस वर्ग पर नजर गड़ाये हुए है और इन्हे फसाने के लिए तरह तरह के लुभावने जाल भी फेँके जाने लगे है. अब वक्त की माँग है राजनीति करे या नही पर राजनीति जरुर समझे और इसका इस्तेमाल आने वाले चुनावो में अवश्य करे. युवाओं को जागने का यही सही वक्त है नही तो फिर काफी देर हो चुका होगा.

……. हरिश्चन्द्र कुमार, डंडार कला, पांकी,झारखंड

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