राजगीर मलमास मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के आदेश से दौड़ी खुशी की लहर

Share Button
Read Time:5 Minute, 24 Second

“आजादी के बाद पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन के अधिकारियों ने मलमास मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का कड़ा फैसला लिया है। अब तक किसी भी अंचलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त ने इतना बड़ा फैसला कभी नहीं लिया था”

नालंदा (राम विलास)। अतिक्रमण हटाने के आदेश के बाद राजगीर के मलमास मेला सैरात भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने वालों की मुश्किलें बढ़त गयी है।अधिकारी इस सैरात भूमि को खाली कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया पुरी कर रहे हैं।

पटना के प्रमंडलीय आयुक्त आनंद किशोर ने इस सैरात भूमि को खाली कराने का आदेश कल मंगलवार को जारी किया है । उनके द्वारा अनुमंडल प्रशासन राजगीर को अतिक्रमण मुक्त कराने और जिला प्रशासन नालंदा को मोनेटरिग करने का आदेश दिया गया है ।

इसके पूर्व जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी संजीव कुमार सिन्हा और राजगीर के अंचलाधिकारी सतीश कुमार के द्वारा भी इस सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया गया है।

प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश पर सैरात भूमि पर चिन्हित 33 निजी अतिक्रमणकारियों में से 27 अतिक्रमणकारियो को नोटिस भी थमाया गया है। उन्हें 6 जुलाई तक स्वयं अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया है । इन आदेशों के बाद सैरात भूमि पर अतिक्रमण करने वालों में खलबली मच गई है। वही इस आदेश से राजगीर के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और विरासत प्रेमियों में काफी खुशी है।

राजगीर के मलमास मेला सैरात भूमि का कुल रकबा 73.03 एकड़ है। इनमें 40.64 62 एकड़ पर सरकारी एवं गैर सरकारी अतिक्रमण है। सैरात भूमि का केवल 32.38 387 एकड़ जमीन परती है। प्रमुख अतिक्रमणकारियों में वर्मीज विहार, सप्तपर्णी विहार, बौद्ध धर्माकुर सभा, राजगीर गेस्ट हाउस, होटल सिद्धार्थ, गौरक्षिणी एवं अन्य हैं ।

यहां छोटे बड़े कुल 33 निजी अतिक्रमणकारी हैं, जिसमें 27 के विरुद्ध अतिक्रमण हटाने की नोटिस जारी की गई है । शेष चार अतिक्रमणकारियों ने माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया है और एक का मामला जिलाधिकारी के कोर्ट में विचाराधीन है।

सैरात भूमि पर शिवनंदन प्रसाद के द्वारा 7 डिसमिल भूखंड और शिवनंदन उपाध्याय के द्वारा 5:30 डिसमिल भूखंड का धोखाघड़ी कर जमाबंदी कायम करा लिया गया था। उस जमाबंदी को रद्द करने की प्रशासनिक कार्यवाही आरंभ कर दी गई है।

अंचलाधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि जमाबंदी टूटने के बाद इन दोनों अतिक्रमणकारियों की जमाबंदी वाली जमीन को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया गया है। उनके विरुद्ध सरकार उच्च न्यायालय में अपील वाद दाखिल कर स्थगन आदेश रद्द करने का अनुरोध करेगी।

सूत्रों के अनुसार आजादी के बाद पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन के अधिकारियों ने मलमास मेला सैरात भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का कड़ा फैसला लिया है। अब तक किसी भी अंचलाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त ने इतना बड़ा फैसला कभी नहीं लिया था।

इस फैसले को लेकर राजगीर में सर्वत्र खुशी ही खुशी है। अतिक्रमणकारियों को छोड़कर सभी नगर वासी इस सैरात भूमि को अविलंब अतिक्रमण मुक्त देखने की अभिलाषा रखते हैं।

मालूम हो कि मगध साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी राजगीर में हर तीन साल पर पुरुषोत्तम मास में मलमास मेला का आयोजन आयोजन अनादि काल से होते आ रहा है। जिसमें केवल भारत के ही नहीं बल्कि विदेशों खासकर नेपाल आदि के धर्मावलंबी बड़ी संख्या में इस मेले में आते और पुण्य लाभ लेते हैं।

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा भी खेल रहे यूं मीडिया कप क्रिकेट!
दीपक चौरसिया की राइट हैंड निधि कौशिक इंडिया न्यूज से हुई टर्मिनेट!
बोले पीएम मोदी- विवेकपूर्ण और तार्किक ढंग से खबरें पेश करे मीडिया
अपनी-अपनी सी एमएस धौनी की कहानी
पीआरडी में विशिष्ट अतिथि बनकर आता था महापापी ब्रजेश ठाकुर
मीडिया मालिकों के कालाधन पर क्यों नहीं पड़ा छापा : आलोक मेहता  
मीडिया के विजय माल्या यानी महुआ चैनल के पीके तिवारी की 112 करोड की सम्पति जब्त
'एक्सपर्ट मीडिया न्यूज' से बोले नालंदा एसपी- अब यूं जारी नही होगी प्रेस विज्ञप्ति
फेसबुक को है tsu.co वेबसाइट से एलर्जी
खबर देने वाली एजेंसी UNI की खबर न किसी ने दिखाई न छापी !
मदन तिवारी ने यशवंत सिंह से कहाः .....तो जेल खुद जायेगें हरिबंश
संविधान में बराबरी और अलग प्रदेश की मांग को लेकर नेपाल में मधेसियों की उग्रता बरकरार
बाजारू मीडिया को त्याग पत्रकार विनय ने खोला ढाबा
अखबारों और चैनलों के सीले होठ और चूं-चूं का मुरब्बा बना झारखंड सीएम जनसंवाद केन्द्र
समीर लोहिया के ठिकानों पर आयकर छापा, 100 करोड़ का अवैध निवेश
अश्लील चुटकुलों से अजीज, अब शुगली-जुगली के नाम से जाने जाएंगे संता बंता
व्यवस्था देने में फेल रहे केजरीवाल
'इंडियाज डॉटर' पर रोक से हाई कोर्ट का इंकार
मेहता रोस्पा गार्डन रेस्टूरेंट एंड वीयरबार ने सड़क पर ही बना दिया शराबमय पार्क
शर्मसार भारतः स्त्री देह की ऊर्जा से पूंजीवाद को बढ़ावा देगी तेजस
अश्विनी गुप्ता अपहरण में कुख्यात पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को मिले थे ढाई करोड़ रुपये
बाल ठाकरे को आतंकवादी बताने वाले तहलका पर मुकदमा !
निष्पक्ष पत्रकारिता- प्रश्न अनेक
आपकी पार्टी भी कोई दूध की धूली नहीं है शरद यादव जी
मोदी को क्लीन चिट पर हाई कोर्ट पहुंचीं जकिया जाफरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...