रघु’राज में छुट्टी के दिन नपे रांची नगर निगम के सीइओ !

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अंततः रांची नगर निगम के सीइओ और आवास बोर्ड के एमडी मनोज कुमार नप गए। सीएम रघुवर दास के आदेश पर सरकारी छुट्टी के दिन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग का ताला दोपहर में खोल कर उनका उनका स्थानांतरण आदेश जारी किया गया।

कहते हैं कि नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, मेयर आशा लकड़ा और डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के खुला विरोध के कारण सीएम रघुवर दास को उनको अचानक हटाने को वाध्य होना पड़ा।

manoj_rmcनगर विकास मंत्री सीपी सिंह लगातार सीइओ मनोज कुमार की शिकायतों से मुख्यमंत्री को अवगत करा रहे थे। उनकी सीएम से जब भी मुलाकात हुई, रांची के सीइओ को अबिलंब हटाने का आग्रह करते रहे।

हालांकि मनोज कुमार को उनके पद से हटाया जाना पहले से तय माना जा रहा था लेकिन उनका अचानक इस तरह से हटाया जाना राजनीतिक से लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

उधर मेयर आशा लकड़ा भी सीइओ को हटाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिली थी।  सीइओ द्वारा घर पर बिल्डरों के साथ बैठक कर फाइलें निबटाने की बात से भी मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया गया था।

बताते हैं कि मनोज कुमार से सीपी सिंह और आशा लकड़ा काफी पहले से ही नाराज चल रहे थे। सत्तारुढ़ भाजपा का एक खेमा भी नगर निगम की सीइओ की झामुमो से नजदीकी को लेकर भी खार खाये बैठे थे।  

 डिप्टी मेयर के साथ विवादों में घिरे थे सीइओ

मनोज कुमार के नगर निगम का सीइओ बनने के बाद से ही वे लगातार डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय के साथ विवादों में घिरे रहे। सीइओ के इस व्यवहार से नाराज होकर डिप्टी मेयर समर्थक पार्षदों ने सीइओ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया था।

इस दौरान डिप्टी मेयर के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल सीइओ को हटाने के मांग को लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश पासवान व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मिला था।

परंतु तत्कालीन सरकार ने इनकी शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाया। इससे नाराज होकर डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने तत्कालीन भाजपा विधायक रघुवर दास के समक्ष भी अपनी पीड़ा रखी थी।

उस समय खुद रघुवर दास ने विपक्षी दल के विधायक की हैसियत से विधानसभा में सीइओ की कार्यशैली को लेकर अनेक सवाल खड़े किये थे।

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