एक यौन शोषण का सच और त्रिया-चरित्र !

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इस एक घटना ने उद्वेलित कर दिया है। खबर मिली की एक युबक महिला से छेड़खानी करता है और उसके पति की दुकान में आग लगा दी। मौके पे पहुंचा तो पत्रकार का एंटीना कुछ और मामला बताया। खोज बिन शुरू किया तो जो बात सामने आई वह शर्मसार करने वाली।

युवक महिला का पडोसी है और उसने महिला ब्लू फिल्म बना कर फेसबुक (कथित) पर डाल दिया है। खबर सुन गुस्सा आया और महिला से पूछ ताछ करने पर उसने भी उग्र रूप से युवक पर आरोप लगया और पुलिस के द्वारा मदद नही मिलने की बात कही।

फिर काफी खोज बिन करने पे युवक के द्वारा बनाया गया ब्लू फिल्म हाथ लग गया। पहले तो देखने की इच्छा नही हुयी और मैं चला आया फिर मन में लगे की फिल्म देख से ही सच्चाई सामने आयेगी और उसको माँगा के जब देखा तो सन्न रह गया।

महिला स्वेच्छा से युवक के साथ संसर्गरत है और फिल्म बनबा रही है।एक दम निर्वस्त्र। दोनों के बातचीत सुन समझ गया की मामला बहुत पुराना सम्बन्ध का है और भेद खुलने पे युवक को धरा जा रहा है।

युवक ने फिल्म को मोबाईल से नेट पे डाल दिया और वहां से मोहल्ले के सभी युवकों के मोबाइल में पहुँच गया।

युवक की उम्र महिला के बेटे जितना है। महिला लगभग 50 की और युवक 22-25का। अब युवक पे केस किया जा रहा है। शायद रेप का?

पर मैं जब से फिल्म देखा तो उससे पहले महिला उग्र व्यान को याद कर मन ही मन क्रोधित हो रहा हूँ , कितना पतन हुआ है ? किसको दोष दे? पुरुषवादी समाज में महिला के उत्पीडन की यह एक और कहानी बनेगी पर सच कुछ और है?

महिला के त्रिया चरित्र पर सवाल कौन उठाएगा? सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़े कानून बना दिए है? युवक , जिसने कामांध हो यह सब किया कितना दोषी है?

……. पत्रकार अरुण साथी अपने फेसबुक वाल पर

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