यूपी में कानून व्यवस्थाः दो हफ्ते में फूंक दिए गए चार थाने!

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up_tensionयूपी में खराब लॉ एंड ऑर्डर और पुलिस की निष्क्रिय शैली से अपराधी बेलगाम हैं। अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे
में आम लोग भी पुलिस की बर्बरता के खिलाफ सड़को पर उतर आई है। इसी का नतीजा है कि एक के बाद एक चार थाने फूंक दिए गए और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

कानून व्यवस्था सरकार के लिए चुनौती 
ऐसा नहीं है कि यह हाल प्रदेश के दूसरे जिलों या पुलिस चौकियों का है। राजधानी में विधान सभा के सामने भी ऐसा नजारा आम होता जा रहा है। ताजा मामला बीपीएड डिग्री धारकों का है, जिनके धरने में मंगलवार पुलिस की गाड़ियां भी फूंक दी गई और झड़प में कई पुलिस वाले घायल भी हुए। बिगड़ी कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना सरकार के साथ ही सीएम के लिए भी चुनौती बन गई है।

हाल में पुलिस थानों और चौकियों पर हुए हमले के बारे में अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी का कहना है कि पुलिस थानों और चौकियों पर हमला करने वाले लोगों की शिनाख्त कर उनपर कार्रवाई कर रही है। पहले जो मामले में सामने आये थे, उनमें आरोपी लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया था जबकि बवाल करने वाले लोगों को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है।

पहले भी सामने आ चुके हैं मामले

लखनऊ में जबरन अंतिम संस्कार करा देने पर भड़की उग्र भीड़ ने माती पुलिस चौकी फूंक दी और पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। देवा कोतवाली के लॉकअप में हुई युवक की मौत के बाद पुलिस जबरन उसका अन्तिम संस्कार कराना चाह रही थी। इससे लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस चौकी फूंक दी थी। लोगों ने कई पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीट दिया था। साथ ही वाहनों में आग लगा दी थी।

मथुरा के गोवर्धन थानें पर हमला

मथुरा के गोवर्धन थानें स्थानीय लोगों ने हमला कर थाने में तोड़फोड़ की। स्थानीय लोगों का आरोप था कि पुलिस ने एक युवक को पुलिस चोरी के आरोप में युवक को उठाकर ले आई थी और पिटाई की जब उसकी हालत बिगड़ गयी तो उसे घर के पास छोड़कर चले गए, जहां पर उसकी मौत हो गई। दो दिन बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद हिंसा भड़की।

देवरिया में भी फैला तनाव

देवरिया थाना रामपुर कारखाना के पुलिस चौकी महुवाडीह में ग्रामीणो में पुलिस चौकी में रखे सामान को आग के हवाले कर दिया और दो राइफलों को भी जला डाला। यहां दो दिन पहले स्कॉर्पियो से बाइक सवार की टक्कर हो गई गई थी, जिसमें बाइक पर बैठे बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी बात से गुस्साए गांववालों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया और पहले तीन सिपाहियों को जमकर मारा इसके बाद उसकी छत के हिस्से को भी तोड़ डाला। बाद में चौकी के अंदर रखे सामान और दो राइफलों को बाहर निकाल कर आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं कारतूस, तीन मोटर साइकिलों को भी गांव वालों ने फूंक डाला गया।

थाने के टॉयलेट में लड़की ने लगाई फांसी

सीतापुर के महमूदाबाद पुलिस स्टेशन के अंदर एक लड़की ने फांसी लगा ली। लड़की के घरवालों ने पुलिस पर रेप और मर्डर का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल किया और थाने पर तोड़ फोड़ करते हुए कई सरकारी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भी आंसूगैस के गोले छोड़े। इससे भीड़ और भी आक्रोशित हो गई और पुलिसवालों पर पथराव करने लगी। इससे डीआईजी, एसपी सहित कई लोग घायल हुए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी इस कार्यवाही में एक दर्जन से भी ज्यादा पुलिस वाले घायल हुए थे।

कानपुर में चौकी का घेराव कर लोगों ने किया हंगामा

कानपुर में पनकी थाना के अंतर्गत रेलवे ट्रैक के किनारे शौच करने पर पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया। पुलिस उन्हें रेलवे स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ चौकी ले गई और उन्हें थर्ड डिग्री दिया। यही नहीं, इनमें से एक युवक को पुलिस कर्मियों ने गायब कर दिया, जबकि दूसरे को छोड़ने के एवज में सात हजार रुपए लिए। जब ये बात सोमवार को पीड़ित के घरवालों को पता चली, तो उन्होंने चौकी का घेराव कर जमकर हंगामा किया।

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