यही है नीतीश का बिहार और बिहारी प्रेम

Share Button

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर बिहार के विकास और बिहारियों के उत्थान की बातें करते हैं पर जब वक्त आता है तो वो अपनी स्वार्थ लिप्सा में बाहरी व्यक्तियों को तरजीह देते रहें हैं। उनकी कसमें, उनके वादे, बिहारियों और बिहार की जनता के लिए उनका दिखाने वाला प्यार और समर्पण की हकीकत अब जनता के सामने आ रहा है। शायद उन्हें बिहार के लोगों में कोई योग्यता ही नहीं दिखायी पड़ती।

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के नाम पर अब तक बिहारवासियों से छलते आ रहे रहे मुख्यमंत्री की जमीनी हकीकत अब धीरे-धीरे सामने आ रही है। इसके पूर्व में भी हुए राज्यसभा सीट के दावेदारों में बिहार के कई काबिल और अनुभवी राजनेता जदयू के टिकट के लिए कतार में थे पर नीतीश ने सभी बिहारी और पार्टी के लिए बिहार के समर्पित नेताओं को ठेंगा दिखाते हुए बाहरी व्यक्ति के सी त्यागी को राज्यसभा के वातानुकुलित कक्ष में पहुंचा दिया जबकि के सी त्यागी का न तो कभी बिहार के विकास में और न ही बिहारियों के उत्थान में किसी तरह का योगदान रहा है।

अपनी पुरानी परिपाटी और और अपने अंदर एक छुपे कथित चरित्र की पुनरावृति करते हुए नीतीश कुमार ने शुक्रवार को भी वही किया जो वह बिहार की जनता को छलने के लिए करते आए हैं। बिहार में राज्यसभा के लिए खाली हो रही पांच सीटों में से जदयू के कोटे में आने वाली तीन सीटों में से एक सीट पर ‘प्रभात खबर’ के प्रधान संपादक हरिवंश के नाम की घोषणा के बाद पत्रकारिता जगत के साथ राज्य की जनता भी स्तब्ध है।

हरिवंश उत्तरप्रदेश के बलिया जिले के सिताबदियारा के रहने वाले हैं। उनकी काबिलियत पर तो अंगुली नहीं उठायी जा सकती पर बिहार में कई वैसे पत्रकार भी हैं जो हरिवंश जी की जाति से ही आते हैं और अनुभव, जानकारी या राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान हरिवंश जी से कहीं कम नहीं है। इनमें कुछ वैसे वरिष्ठ पत्रकार हैं जिनके नाम पर इमानदारिता की कसम तक खायी जा सकती है।

पर नीतीश को बिहार के वरिष्ठ और इमानदार पत्रकारों की तुलना में वो अच्छे लगे जिनके अखबार ने बिहार में उनकी बड़ाई में कसीदे गढ़ने का नया इतिहास रच डाला और पत्रकारिता के नाम पर ही बिहार से लेकर झारखंड तक अकुत संपति और जमीन अर्जित की जबकि बिहार में कई वैसे वरिष्ठ और इमानदार पत्रकार भी हैं जो अबतक किराए के मकान में रह रहें हैं।

साबिर अली का टिकट काट कहंकशा परवीन को टिकट देने की घोषणा कर नीतीश कुमार भले ही अपने अल्पसंख्यक प्रेम का उदाहरण दें पर राज्य की जनता के बीच वह कहां से साबित कर पाएंगे कि जिन्हें वह राज्यसभा भेज रहे हैं उनका राज्य या यहां की जनता के लिए क्या योगदान है।

….. पत्रकार विनायक विजेता अपने फेसबुक वाल पर

Share Button

Relate Newss:

जमानत भी नहीं बचा सके सुदेश-अमिताभ-बंधु !
शुक्राचार्य जायेंगे जेल, आयकर विभाग ने कसा शिकंजा
दैनिक खबर मन्त्र कर्मी देवानंद साहू की सड़क दुर्घटना में मौत
KGBV में जारी फर्जी नामांकण के गोरखधंधे में रांची फिर अव्वल
द्रौपदी की रक्षा के लिये प्रकट हुये भगवान
ATM की लाइन में हार्टअटैक से वह तड़पकर मर गया लेकिन लोग लाइन में खड़े रहे !
नालंदा पत्रकार संघ के बैनर तले हिलसा अनुमंडल पत्रकार संघ का गठन
गाय के कारोबार में शामिल 80 फीसदी लोग हिंदू :गोविंदाचार्य
वसूली के आरोप में कथित राजगीर अनुमंडल पत्रकार संघ के अध्यक्ष की पिटाई!
फर्जी राजगीर पत्रकार संघ का कोषाध्यक्ष मनोज कुमार बना फर्जी हेडमास्टर !
अगवा डॉक्टर की हत्या, SP ने दी थी फिरौती देने की सलाह !
रंगदारी मामले में बंद न्यूज़ पोर्टल का संपादक समेत तीन धराये
सोशल मीडिया में कही जाने वाली ये आपत्तिजनक बातें है अपराध
बिल्डर अनिल सिंह: हरि अनंत हरि कथा अनंता!
ऐसे मुर्खों पर मुझे हंसी आती है : पुष्कर पुष्प

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...