यहां होगी दो सौतन रानी के बीच चुनावी जंग

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर सबसे ज्यादा दिलचस्प चुनाव होने जा रहा है उनमें से एक है अमेठी की विधानसभा सीट। उसकी वजह यह है कि अमेठी के लोग सिर्फ अपना विधायक नहीं चुनेंगे बल्कि इस बात का भी फैसला सुनाएंगे कि वो अमेठी राजघराने की असली रानी किसको मानते हैं।

अमेठी से संजय सिंह की पत्नी गरिमा सिंह बीजेपी की उम्मीदवार हैं तो उनकी दूसरी पत्नी के तौर पर उनके साथ रह रही अमिता सिंह कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने की ठान चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट संजय सिंह के साथ गरिमा सिंह के तलाक को रद्द कर चुका है।

गरिमा सिंह ने सोमवार को अपना पर्चा दाखिल कर दिया। पर्चा दाखिल करते समय गरिमा सिंह ने जो हलफनामा भरा है उसमें उन्होंने संजय सिंह को अपना पति बताया है।

शपथ पत्र में उन्होंने अपनी संपत्ति का जो ब्योरा दिया उसमें अपने साथ संजय सिंह की संपत्ति का भी जिक्र किया है।

हलफनामे के मुताबिक गरिमा सिंह के पास पचास हजार कैश है, जबकि उनके पति के पास सत्तर हजार हैं।

गरिमा सिंह ने अपनी अचल संपत्ति करीब तीन करोड़ रुपये और पति की अचल संपत्ति साढ़े 15 करोड़ रुपये लिखवाई है।

हलफनामे के मुताबिक गरिमा सिंह के पास एक बंदूक है और संजय सिंह के पास तीन हथियार हैं।

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन की वजह से अमेठी सीट पर दोनों पार्टियों के बीच अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। इसी पर समाजवादी पार्टी ने विवादों में रहे मंत्री गायत्री प्रजापति को चुनाव में उतारा है तो वहीं, कांग्रेस यह सीट अमिता सिंह के लिए चाहती है।

अमिता सिंह डंके की चोट पर यह कह रही हैं कि चाहे कुछ भी हो वह चुनाव लड़ कर रहेंगी। उम्मीद है कि वह 9 तारीख को अपना पर्चा दाखिल करेंगी।

वही गायत्री प्रजापति उम्मीद लगाए बैठे हैं कि राजघराने की दो रानियों की लड़ाई में उनकी किस्मत चमक जाएगी।

 

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