मोदी और शरीफ के बीच काठमांडू में हुई थी गुप्त बैठक

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Barkha-Dutt

बरखा दत्त एक किताब लिख रही हैं, उनकी पहली किताब मार्केट में आने वाली है और जैसा कि होता है किताब आने से पहले ही विवाद शुरू हो गया है।

किताब में किया गया है कि अहम खुलासा कि मोदी और शरीफ की एक मीटिंग काठमांडू में भी हुई थी, सीक्रेट मीटिंग। दिलचस्प खुलासा ये भी है कि इस मीटिंग की मेजबानी कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल के भाई सज्जन जिंदल ने की थी।

हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रशांत झा की खबर के मुताबिक बरखा दत्त की इस किताब का नाम है ‘द अनक्वाइट लैंड- स्टोरीज फ्रॉम इंडियाज फॉल्ट लाइंस’ (This Unquiet Land — Stories from India’s Fault Lines), जिसके बुधवार के मार्केट में आने की सम्भावना है।

इस बुक में बरखा ने लिखा है कि कैसे सज्जन जिंदल जो स्टील कंपनी चलाते हैं, का करीबी रिश्ता नवाज शरीफ और उनके बेटे से है। वैसे भी अफगानिस्तान से स्टील बनाने के लिए कच्चा माल पाक के रास्ते लाना आसान रहता है।

किताब के मुताबिक पिछले साल जब मोदी-शरीफ सार्क सम्मेलन के दौरान काठमांडू में मौजूद थे तो सज्जन जिंदल को वहां बुलाया गया।

यूं तो मीडिया के सामने मोदी और शरीफ ने बस हाथ ही मिलाया था। वैसे भी 26-27 नवंबर की तारीखें थीं और 26 नवंबर को भारत-पाक रिश्तों में मुंबई 26/11 के बाद एक तल्खी सी बनी रहती है।

तभी तो इस साल जैसे ही 26 नवंबर को भारत-पाक सीरीज के लिए शरीफ ने हरी झंडी दिखाई, मोदी सरकार ने रात तक मना कर दिया। सार्क सम्मेलन भी 26-27 नवंबर को था, उस दौरान नजदीकियां दिखाना मोदी के लिए भारी पड़ सकता था।

 बरखा की किताब के मुताबिक काठमांडू के एक होटल में, जिसमें सज्जन जिंदल भी रुके थे। उसमें मोदी और शरीफ दोनों पहुंचे, बिना मीडिया को भनक लगे। दोनों करीब एक घंटे वहां रुके, क्या बातचीत हुई इसका खुलासा नहीं हुआ।

लेकिन बरखा के मुताबिक जब से शरीफ मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आए हैं, दोनों के बीच कभी भी कनेक्शन ऑफ नहीं हुआ है, हालांकि मीडिया और पब्लिक के सेंटीमेंट्स के चलते दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ बयान देने और फैसले लेने से भी परहेज नहीं किया।

पूरे एक साल बरखा ने इस कहानी को मीडिया में रहते हुए भी छुपाकर रखा, शायद इसी दिन के लिए। अपनी किताब को सुर्खियों में लाने के लिए, हालांकि ना मोदी की तरफ से ना शरीफ की तरफ से और ना ही सज्जन जिंदल की तरफ से अभी तक ना इस खबर का ना तो खंडन किया गया है और ना ही पुष्ट किया गया है लेकिन बरखा की किताब के हवाले से पाकिस्तान के चैनल्स जमकर इस खबर को चला रहे हैं।

वैसे बरखा दत्त की इस किताब में आपको कश्मीर से लेकर 26/11 तक तमाम बड़ी घटनाओं पर बरखा का एक्सपीरिएंस और रुख देखने पढ़ने को मिलेगा।

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