मैला साफ करने को मजबूर है एएनएम

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2गोड्डा। स्वास्थ्य विभाग की चैंकाने वाली सच्ची तस्वीरें झारखंड सरकार के विकास के वादों को धत्ता बताते नजर आ रही है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नर्सों का शोषण होते देखा जा रहा हौ। केन्द्रों पर डॉक्टरों के सहयोगी पद पर कार्यरत नर्सों को शौचालय की सफाई करते देखा जा रहा है।

ताजा तस्वीरें गोड्डा जिले की है, मुख्यालय से मात्र 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मोतिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जहां सरकार की अनदेखी के कारण बदहाली का आलम बना हुआ है। तस्वीरें कुछ ऐसी है जिन्हें देखकर आप चौंक जाएंगे। करोड़ों रूपये की लागत से बने स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक भी डॉक्टर नहीं हैं। जिस कारण मरीजों का इलाज वहां कार्यरत तीन एएनएमों को ही करना पड़ रहा है।

इतना ही नहीं, सफाई कर्मचारियों के अभाव में नर्सों को भवन की सफाई से लेकर पखाना घरों की भी सफाई करनी पड़ रही है।

वहां कार्यरत एएनएमों से जब इन बत्तर हालातों पर पूछताछ की गई तो जानकारी मिली कि लम्बे समय से इस केन्द्र पर एक भी डॉक्टर नहीं हैं।

वहीं पखानाघरों की सफाई करने को मजबूर नर्स ने साफ तौर पर कहा कि बद्तर हालात हैं मगर सरकार बिल्कुल खामोश।

ऐसे में सवाल उठता है कि सरकारी केन्द्रों पर कार्यरत महिला कर्मचारियों का इस तरह से शोषण सरकार के किस विकास की परिभाषा है। क्या महिलाओं के हक की बात करने वाली रघुवर सरकार इन तस्वीरों पर करेगी कोई त्वरित पहल।

…..गोड्डा से नागमणि कुमार की रिपोर्ट

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