मैग्सेस पुरस्कार पाने वाले 11वें भारतीय हैं रवीश कुमार

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बिहार के मोतिहारी में जन्मे रवीश कुमार ने पत्रकारिता की शुरूआत एक अंशकालिक संवाददाता के रूप में ‘जनसता’ से जुड़े।  फिर स्टार न्यूज से होते हुए पूरी तरह एनडीटीवी के ही होकर रह गए। दलितों और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों पर बिल्कुल अलग अंदाज में रिपोर्टिग के लिए रवीश जाने जाते हैं। टीआरपी के लिए मारामारी करने वाले टीवी पत्रकारों की भीड़ में रवीश अलग नजर आते हैं……..”

राजनामा.कॉम (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। ‘एशिया का नोबेल’ कहे जाने वाले रेमन मैग्सेसे पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। साल 2019 में मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त करने वाले 5 लोगों में भारतीय पत्रकार रवीश कुमार का भी नाम शामिल है।

रवीश कुमार को हिन्दी टीवी पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला है। मैग्सेस पुरस्कार पाने वालों में रवीश कुमार 11वें भारतीय हैं।

यह पुरस्कार एशिया के व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाता है।

बता दें कि यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैग्सेसे की याद में दिया जाता है। 12 साल बाद किसी भारतीय पत्रकार को यह पुरस्कार मिला है।

रवीश से पहले 2007 में पी साईनाथ को पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए मैग्सेसे पुरस्कार मिला था।

रवीश कुमार एक भारतीय टीवी एंकर, लेखक और पत्रकार हैं, जो भारतीय राजनीति और समाज से संबंधित विषयों को मुखरता के साथ जनता के सामने रखते हैं। रवीश एनडीटीवी समाचार नेटवर्क के हिंदी समाचार चैनल ‘एनडीटीवी इंडिया’ में वरिष्ठ कार्यकारी संपादक है।

चैनल के प्रमुख कार्यक्रमों जैसे ‘हम लोग’ और ‘रवीश की रिपोर्ट’ के होस्ट रहे हैं। रवीश कुमार का प्राइम टाइम शो वर्तमान में काफी लोकप्रिय है। 2016 में “द इंडियन एक्सप्रेस” ने अपनी ‘100 सबसे प्रभावशाली भारतीयों’ की सूची में उन्हें भी शामिल किया था।

रवीश कुमार का जन्म बिहार के पूर्व चंपारन जिले के मोतीहारी में हुआ। उन्होंने लोयोला हाई स्कूल, पटना, से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, और फिर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वह दिल्ली आ गये।

दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया।रवीश कुमार को अब तक कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान मिल चुका है….

गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार- वर्ष 2010 राष्ट्रपति के हाथों प्रदान

पत्रिका रंग में रामनाथ गोयंका पुरस्कार – वर्ष 2013

इंडियन टेलिविजन पुरस्कार – वर्ष 2014 सर्वश्रेष्ठ  हिन्दी एंकर

कुलदीप नायर पुरस्कार – वर्ष 2017 पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदानों के लिए

रवीश कुमार ने कई पुस्तकें भी लिखी है जिनमें ‘इश्क में शहर होना’ ‘देखते रहिये’ ‘रवीशपन्ती’ और ‘द फ्री वॉइस: ऑन डेमोक्रेसी, कल्चर एंड द नेशन’ शामिल है।

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