मैं न होता तो बिपीन मिश्रा रात में ही टपक जाताः श्वेताभ सुमन

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itc_sumanराजनामा.कॉम। चर्चित आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन ने जमशेदपुर के टीएमएच में जिंदगी और मौत से जुझ रहे सहारा समय न्यूज चैनल के रिपोर्टर बिपीन मिश्रा मामले में खुद पर लगे आरोपों का खंडन किया है।

उन्होंने मोबाईल पर राजनामा.क़ॉम को बताया कि  बिपीन मिश्रा अपने कुछ दोस्तों के साथ डॉल्फिन क्लब में, जो पत्रकारों का अड्डा माना जाता है, वहां जम कर दारु पीया था और नशे की हालत में सड़क पर खुद हादसे का शिकार हो गया है और उनके विरोधी एक सोची समझी रणनीति के तहत बदनाम करने की शाजिस कर रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली,उन्होने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया और अस्पताल के एक परिचित डॉक्टर से रात करीब 12 बजे हरसंभव ईलाज करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि बिपीन मिश्रा को बचाने वालों में हम सब हैं। बबलु मिश्रा, केबी मिश्रा और राकेश मिश्रा आदि ने उन्हें फोन पर जब घटना की जानकारी दी तो उन्होंने हॉस्पीटल के मेडिकल हेड एन. राय को रात को उठा कर अच्छी तरह से ईलाज करवाने का अनुरोध किया। उन्होंने आगे कहा कि ‘अगर वे न होते तो बिपीन मिश्रा रात को ही टपक (मर) जाता और उसे बचाने वालों में अगर किसी एक का नाम आता है तो वह है श्वेताभ सुमन।’

उल्लेखनीय है कि जमशेदपुर के टीएमएच के सीसीयू में भर्ती  बिपीन मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा ने सरायकेला के आदित्यपुर थाना में एक शिकायत दर्ज की है। जिसमें उल्लेख है कि बिपीन मिश्रा स्वभाविक सड़क हादसे में घंभीर रुप से घायल नहीं हुए हैं बल्कि उनकी कंपनी हड़पने की नियत से एक शाजिस के तहत उनपर जानलेवा हमला किया गया था।

श्वेता मिश्रा द्वारा दर्ज शिकायत में उल्लेख है कि उनके पति करीब 2 वर्ष पूर्व आदित्यपुर इंडस्ट्रीयल एरिया में कर्ज लेकर डायरेक्टरशीप में एक कंपनी ग्रीनको प्रोजेक्ट खोले थे। जिसपर आयकर आयुक्त श्वेताभ सुमन एवं उनके सहयोगियों को लोभ हो गया और उसे हथियाने के लिए उनके पत्रकार पति पर झूठे मुकदमे कर जान मारने की धमकी दे रहे थे। जिसकी सूचना पहले ही आदित्यपुर थाना एवं सरायकेला कोर्ट को दे चुके थे।

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