रांची मेयर “नोट फॉर वोट” पर किया एक संस्था ने दावा !

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rachi_rama_subodh(राज़नामा.कॉम)।  झारखंड की राजधानी रांची के मेयर चुनाव में पकड़े गये  वोट फॉर नोट मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। आज स्थानीय अदालत में मो. अकिलुर्र रहमान नामक व्यक्ति ने  शपथ पत्र दाखिल कर यह दावा किया है कि  मतदान के ठीक एक दिन पहले पुलिस-प्रशासन, आय कर की टीम ने 22.66 लाख की जो राशि होटल सिटी प्लेस से बरामद की थी, वह उसकी एक ऐसी संस्था की है, जो चुनावों में ईमानदार एवं निष्पक्ष छवि के उम्मीदवारों को मदद करती है। 

   मो. अकिलुर्र रहमान के अधिवक्ता द्वारा दर्ज शपथ पत्र में दावा किया गया है कि उसके संस्था ने वे सारे पैसे एक संस्था के तहत चंदा कर जुटाये गये थे। शपथ पत्र के साथ उन लोगों के नाम की सूची भी सौंपी गई है, जिनके द्वारा राशि दान दी गई है।

अदालत ने इस मामले पर  सुनवाई की तारीख आगामी सोमवार को मुकर्रर की है।

विदित हो कि इन दिनों रांची मेयर चुनाव के ठीक एक दिन पहले  होटल सिटी प्लेस के एक कमरे से प्रशासन ने गुप्त सूचना का हवाला देते हुये छापामारी कर करीब 23 लाख रुपये नकद बरामद की थी।  पैसों के साथ दो लोगों को पकड़ा भी गया था। जिसे बाद में जेल भेज दिया गया ।

तब सारे  पैसे  बंडलों में वार्ड दर वार्ड उल्लेखित करते हुये अलग-अलग लिफाफे में बंद थे। ठीक उसी समय  कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी एवं पूर्व मेयर रमा खलखो के अलावे पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय , उनके भाई सुनील सहाय, जिला परिषद के अध्यक्ष सुन्दरी तिर्की समेत कई दिग्गज मौजूद थे। पैसे भरे लिफाफे के साथ प्रत्याशी रमा खालखो के पोस्टर बैनर होने के कारण पुलिस ने एक मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी का वारंट लेकर घुम रही है। सुबोधकांत सहाय के भाई सुनील सहाय से पूछताछ की जा चुकी है।

इस पुरे मामले पर चुनाव आयोग ने मतदान बाद अचानक कदम उठाते हुये मतगणना पर रोक लगा रखी है। इधर विरोधी भाजपा समेत  प्रायः सभी राजनीतिक दल अपनी रोटियां सेंकने में मशगुल हैं। हालांकि अन्य सभी मेयर प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग से मतगणना पर से रोक हटाने तथा परिणाम घोषित करने की मांग पर अड़े हैं।

 

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