मलमास मेला मोबाइल एप्प से हटाई गई भू-माफियाओं से जुड़ी सूचनाएं

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शासकीय जांच-पड़ताल में उक्त दोनों होटल का निर्माण मलमास मेला सैरात भूमि की जमीन को अतिक्रमण कर किये जाने एवं उसके चर्चित मालिकों द्वारा विभागीय सांठगांठ से व्यापक पैमाने फर्जीबाड़ा किये जाने की पुष्टि भी हो चुकी है।”

राजनामा न्यूज। नालंदा जिला प्रशासन द्वारा प्रसिद्ध अध्यात्मिक-धार्मिक-पौराणिक राजगीर मलमास मेला को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिये बनाये गये ‘मोबाईल एप्प’ विवादित सूचनाओं को हटा दिया गया है। इस एप्प का शुभारंभ बिाहार के सीएम नीतिश कुमार के हाथों श्रद्धालुओं को मेले से जुड़ी सूचनाओं एवं देश-दुनिया को राजगीर की आकर्षण से अवगत कराने के उदेश्य से हुआ है।

अब एप्प में लिस्ट ऑफ होटल इन राजगीर के तहत 4 होटलों के नाम ही डिस्प्ले हैं। उनमें होटल इंडोहोक्के, होटल डाइमंड इन्न, द राजगीर रेजीडेंसी और गार्गी ग्रैंड के नाम उल्लेखनीय है।  राजगीर गेस्ट हाउस और सिद्धार्थ होटल को एप्प से डीलिट कर दिया गया है। 

बता दें कि राजनामा.कॉम एवं उसकी चाइल्ड न्यूज साईट एक्सपर्ट मीडिया न्यूज.कॉम पर राजगीर मलमास मेला मोबाईल एप्प पर प्रमोट हो रहे अवैध राजगीर गेस्ट हाउस होटल और सिद्धार्थ होटल को लेकर सबाल उठाये गये थे। क्योंकि इस तरह की सूचनाओं से लोग के बीच उपजी तरह तरह की चर्चाएं जिला प्रशासन पर उंगली उठा रही थी।

बाद में यह पता चला कि राजगीर नगर पंचायत कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जो संबंधित सूचनाएं जिला प्रशासन के तकनीकी प्रकोष्ठ को भेजी गई थी, उसमें मलमास मेला सैरात भूमि के चिन्हित अतिक्रमणकारियों-भूमाफियाओं से जुड़ी विवादित तत्थ भी प्रमोट होने लगे।  

प्रमंडलीय आयुक्त सह प्रथम लोक शिकायत निवारण प्राधिकार श्री आनंद किशोर के आदेश से राजगीर गेस्ट हाउस होटल के मालिक शिवनंदन प्रसाद एवं उसके फर्जीबाड़ा में शामिल तात्कालीन अंचलाधिकारी, भूमि उप समाहर्ता, राजस्व कर्मचारी के खिला स्थानीय थाना में विभिन्न गैर जमानती धाराओं के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है।

बहरहाल जिला प्रशासन की तकनीकि प्रकोष्ट के संज्ञान में मामला आते ही विवादित सूचनाओं को ‘मलमास मेला मोबाईल एप्प’ से हटा दिया गया है। वेशक यह प्रशासन की एक प्रशंसनीय है।

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