मजलूमों के सपने को साकार करने में सक्षम है राजद

Share Button
Read Time:7 Minute, 6 Second

lalu1बिहार प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए 5 जुलाई का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1997 को आज ही के दिन उस समय के जनता दल के अनेकों वरिष्ठ साथियों के साथ मिलकर हमने गरीबों, शोषितों, दबे कुचले वर्गों एवं अकलियतों के हक़ों और अधिकारों की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी । यह कोई साधारण दिन नहीं है। इस दिन बिहार एवं देश की राजनीति की दशा एवं दिशा का कायापलट हुआ था।

राष्ट्रीय जनता दल द्वारा गरीबों, शोषितो एवं आम जनमानस की भलाई के लिए किये गए संघर्ष, त्याग एवं बलिदानों के बारे में अगर मैं वर्णन करुं तो शब्द भी कम पड़ जाएंगे। बिहार में व्यापत सामाजिक एवं आर्थिक असमानता और फिरकापरस्ती को नेस्तनाबूद करने के साथ-साथ एक विकसित,मजबूत और समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए राजद के असंख्यक निस्वार्थ कार्यकर्ताओं एवं वोटरों ने सेवा, त्याग,बलिदान और परिश्रम की देश भर में एक अनूठी मिसाल कायम की है। पार्टी के प्रति समर्पित इन कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही पार्टी का विस्तार सम्भव हुआ है। यह हमारे कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और समर्पण का ही परिणाम है कि राजद और मजबूती से आगे बढ़ रही है। पार्टी का हर दौर में साथ देने वाले तमाम नेताओं, साथियों और कार्यकर्ताओं को मैं तहे दिल से सलाम करता हूं।

राजद की प्राथमिकता और प्रतिबधता समाज के कमज़ोर और मजलूम तबकों की वकालत रही है. बदलते दौर में भी हमारी राजनीति मूलतः ग़ैरबराबरी और फिरकापरस्ती के खिलाफ़ रही है. हमारे विकास का मॉडल आलीशान मॉल और चमचमाते होटलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि विकास के हरेक पहलू में हम समाज के आखिरी व्यक्ति की भागीदारी और उसकी हिस्सेदारी के लिए संकल्पित हैं. इससे कम हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है. हिन्दुस्तान के कई हिस्सों में हमारी तरह के और राजनीतिक दल हैं जिन्होंने सामाजिक और राजनीतिक संरचना में व्याप्त असमानता के खिलाफ लगातार संघर्ष कर अपने लोकतंत्र को व्यापक और भागीदारी का लोकतंत्र बनाया है. अपनी इस यात्रा में हमने कई ऐसे मुक़ाम हासिल किये हैं जिनकी चार दशक पूर्व कल्पना भी असंभव थी. लोहिया, जेपी और कर्पूरी के इन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और प्रगाढ़ हुई है साथ ही हमने वो मंजिल हासिल की है जहाँ से अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सबलीकरण की लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाना है. यह विरासत हमारी शक्ति भी है और पूँजी भी और किसी को भी यह इजाजत नहीं है कि वो इस पूँजी को क्षतविक्षत करे. और साथियों, इसी पृष्ठभूमि से हमारी आगे कि राजनीति निर्धारित होगी. देश में तमाम जनवादी, प्रगतिशील, समाजवादी और लोकतान्त्रिक विचारधारा से लैस दलों पर निराशा के क्षणिक बादल छाये हैं. आक्रामक बाज़ार और दक्षिणपंथी प्रतिक्रियावादी राजनीति ने सामाजिक न्याय और हिस्सेदारी के विकास को प्रतिबद्ध दलों की मुहिम के लिये कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं. पिछड़ों की भागीदारी, शिक्षा और रोज़गार के अवसरों की समानता, अकलियतों के हक़ूक़, उनकी सुरक्षा और असमान विकास के मुद्दों को एक तथाकथित ‘हिंदुत्व के आवरण’ से ढंका जा रहा है.

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजों की अगर पड़ताल करें तो मालूम होगा कि यह समाज के कमज़ोर और मजलूम जातियों और वर्गों को सालों पीछे धकेलने का भी प्रयास रहा है. हमारी राजनीति हमें इस परिस्थिति को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देती. अतः राष्ट्रीय जनता दल के सभी साथियों को बिना वक़्त जाया किये इस ऐेतिहासिक भूमिका के लिए तैयार होना पड़ेगा. हर कार्यकर्ता और नेता को यह समझना होगा कि हमारा दल सिर्फ ‘चुनाव लड़ने कि मशीन’ नहीं है. समर्थक समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों के साथ लगातार संपर्क रखकर यह भरोसा दिलाना होगा कि राजद उनके मुद्दों और चिंताओं के लिए संसद और सड़क दोनों ही जगह लड़ने में सक्षम है. साथियों!! यह लड़ाई पिछली सारी लड़ाईयों से अलग होने वाली है, क्योंकि यह लड़ाई ‘असंवेदनशील सम्पन्नता’ और ‘चेतन विपन्नता’ के बीच कि लड़ाई है, यह लड़ाई ‘मज़बूत’ और ‘मजबूर’ वर्गों के बीच की है, यह लड़ाई ‘संघ और कोर्पोरेट घरानों कि नयी जुगलबंदी’ और ‘हाशिये के समूहों’ के बीच की लड़ाई है. ये लड़ाई हिंदुस्तान में गरीबों और वंचित जातियों के अस्तित्व की लड़ाई है अतः छोटी-मोटी चिंताओं और मतभेदों को ताक पर रखकर इस लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाने के लिए सबको साथ आना होगा.

आज के अवसरवादी,निराशावादी और अनिश्चितता के माहौल में अगर कोई पार्टी मजलूमों के सपने को साकार करने में सक्षम है तो वह राजद ही है। राष्ट्रीय जनता दल के 18वें स्थापना दिवस के मौके पर राजद ने आज वैशाली में एक प्रिशिक्षण कार्यक्रम आयोजन किया है। बिहारभर के पार्टी के नेता और कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में भाग ले रहे है।

………..राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद  अपने फेसबुक पेज पर

0 0
Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleppy
Sleppy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Share Button

Relate Newss:

सरेआम क्लीनिक खोल कर यूं शोषण कर रहे हैं झोलाछाप
पत्रकार उत्पीड़न को लेकर ग्रामीण हुए गोलबंद, DIG से करेगें SP की कंप्लेन
महिला पत्रकार की अतरंग वीडियो वायरल करने वाले 27 पत्रकारों पर पुलिस की गाज
सड़क हादसे का शिकार हुआ आंचलिक पत्रकार, हालत गंभीर, रेफर
गर्भपात को लेकर पूनम पांडे ने वेबसाइट पर किया सौ करोड़ का मुकदमा
फेसबुक पर भास्कर समूह के मालिक की शादी(?) का वायरल !
जेएनयू में सफ़ाई अभियान की ज़रूरत है
‘इंफाल टाइम्स’ की वायरल वीडियो में विधायक नहीं, उनके पीए व अन्य, देखिए पूरा वीडियो
नालंदाः मदरसे में लड़कियों की प्रवेश-पढ़ाई पर तालिबानी रोक !
पत्रकार बलबीर दत्त और कलाकार मुकुंद नायक को पद्मश्री सम्मान
'रघुबर सरकार ने रांची की निर्भया कांड की CBI जांच की अनुशंसा तक नहीं की'
सीएम रघुबर दास ने प्रेस सलाहकार योगेश किसलय को हटाया
नालंदा के थरथरी में निजी बीएड कॉलेज निर्माण के ठेकेदार से मांगी रंगदारी
नालंदा में गजब हो गया, अंतिम सुनवाई के दिन लोशिनिका से रेकर्ड गायब, मामला राजगीर मलमास मेला सैरात भू...
मदन तिवारी ने यशवंत सिंह से कहाः .....तो जेल खुद जायेगें हरिबंश
...और राजगीर की मीडिया को यूं ऐड़ा बना पेड़ा खिला गया रोपवे प्रभारी
सोशल नेटवर्किंग साइटें : दवा भी और नशा भी
4.5 लाख की साइकिल से चले अखिलेश
देश में सहमा हुआ नंगा खड़ा है मोदी के 'अच्छे दिन' !
आईना देख बौखलाये भाजपाई, वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण बिहारी मिश्र पर थाने में किया मुकदमा !
डिजीटल ‘वायर' में फंसे भाजपा के 'शाह'
सीबीआई कॉन्फ्रेंस में बोले मोदी, भ्रष्टाचार के खिलाफ होगी निर्मम कार्रवाई
2G-4G घोटाला सरीखा है बिहार में ‘बीजेपी ब्लैक लैंड स्कैंडल'
सेलरी नहीं दे सकते तो बंद करो अपनी ठगी और गोरखधंधे की दुकान
सलमान खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...