भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस महकमे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही रघुबर सरकार

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लाख टके की बात यह है की अब भी रघुबर सरकार दोषियों के खिलाफ करवाई करेगी या भ्रस्टाचार को लेकर सिर्फ बड़ी बड़ी बातें ही करेगी,” क्योंकि विशेष शाखा के एडीजीपी श्री अनुराग गुप्ता जी ने रघुबर सरकार को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें जमीन दलालों और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत का खुलासा किया गया है।

raghubar dasहालांकि इस रिपोर्ट में उन्होंने थाना प्रभारियों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अनुसंशा की है, लेकिन यदि इन मामलों की गहनता से जांच करायी जाये तो ऐसे मामलों में डीएसपी, एसएसपी और डीआइजी रैंक के कई एक अधिकारियों की भूमिका को भी उजागर किया जा सकता है।

अमन पसंद रांची जिस प्रकार आपराधिक रांची के नाम से मशहूर होती जा रही है निस्संदेह इसमें पुलिस की घोर विफलता और लापरवाही तो है ही साथ ही साथ अपराधियों की पुलिस के साथ सांठ-गाँठ होने से बहुत सारे घटना में पुलिस की भी भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

आरोपियों को किसी भी काण्ड से बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास इतनी जबरदस्त तालमेल होती है कि आप शिकायत और सबूत लेकर थाना से लेकर वरीय पदाधिकारियों तक घूमते रह जायेंगे, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कारवाई नहीं होगी।

सौ बात की एक बात यह है की डीजीपी लेबल से लेकर थाना प्रभारी और किसी घटना के लिए नियुक्त केस आइओ तक सारे लोग परस्पर सहयोग की जबरदस्त प्रबल भावना के साथ काम करते हैं और पीड़ित व्यक्ति, समाज, राज्य यहाँ तक की न्यायालय तक को गुमराह करते हुए गलत रिपोर्ट बनाकर आरोपियों को बचा लेते हैं ।

और फिर से किसी घटना की फिराक में सारे के सारे गिद्धों की नजर लग जाती है ताकि फिर मिल बाँट कर दावत उड़ा सकें और मौज मना सकें।

कितना अजीब लगता है न की इनकी जिम्मेदारी से आम आदमी ऐसे गायब हो गएँ जैसे भोजन की थाली से हरी सब्ज़ी और तूर की दाल हो गयी, इनकी ड्यूटी सिर्फ और सिर्फ किसी केस की लीपापोती और दलालों की जी-हुज़ूरी से ही पूरी हो जाती है !

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