भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ उपवास पर बैठे नीतिश

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केन्द्र की सत्ता पर प्रचंड बहुमत से काबिज मोदी सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ बिहार की नीतीश सरकार का सियासी संग्राम शुरू हो गया है। हालांकि इसका तरीका गांधीगीरी का है।

nitishनीतीश कुमार अपने मंत्रियों और नेताओं के साथ पटना स्थित पार्टी कार्यालय में उपवास पर बैठ गये हैं। जेडीयू ने इसे राज्यव्यापी उपवास कहा है।

 नीतिश कुमार के नेतृत्व में जदयू का यह उपवास भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ है। जिसे कुछ संशोधनों के साथ केन्द्र सरकार ने लोकसभा से पास करा दिया है और अब राज्यसभा से इसे पास होना है।

हालांकि बहुमत नहीं होने के कारण सरकार के लिए इसे उच्च सदन से पास कराना आसान नहीं होगा।

जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि इस बिल के जरिए केन्द्र सरकार देश की सत्ता और संपदा को पूंजीपतियों के हवाले करने की कोशिश कर रही है।

बकौल वशिष्ठ, यह तो शुरुआत है। आगे लंबी लड़ाई लड़ने की तैयारी है। उपवास पर बैठे सीएम नीतीश कुमार शाम में मीडिया को संबोधित करेंगे। वह रविवार सुबह 10बजे तक उपवास पर बने रहेंगे। उनके साथ-साथ सूबे भर में पार्टी कार्यकर्ता भी उपवास पर बैठे हुए हैं ।

उल्लेखनीय है कि कि लोक सभा में  भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक नौ अहम बदलाव के साथ ध्वनिमत से पारित हो गया।

इसमें विस्थापित किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी और अपील का अधिकार देना सबसे महत्वपूर्ण है। बिल पर सरकार ने अपने सहयोगियों को मना लिया है। अब यह राज्यसभा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जहां सरकार के पास बहुमत नहीं है।

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