भूतों के मेला के नाम पर महिलाओं पर खुला अत्याचार, नीतिश सरकार मूकदर्शक

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bhoot-ojha-guni-woman-mela-crime-1bhoot-ojha-guni-woman-mela-crime-8औरंगाबाद। सूचना क्रांति और विज्ञान के इस दौर में भूतों के मेला के नाम पर महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है और दूसरी तरफ सुशासन व महिला सशक्तिकरण के ढिंढोरे पीटने वाली नीतिश सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। उधर तताकथित ओझा-गुणियों की चांदी है। उनकी ठगी का धंदा खूब फूल-फल रहा है।

बिहार के कैमूर जिले के हरसुब्रह्म और औरंगाबाद के महुआ धाम में नवरात्र के दौरान भूतों का मेला लगता है। इस दौरान यहां अजीब तरह के नजारे देखने को मिलते हैं।

खासतौर से नवरात्र में लगने वाले इस मेले के नजारे किसी भी सामान्य आदमी को हैरान कर देते हैं। पीड़ित लोग अटपटे काम करते देखे जाते हैं। कोई पागलों की तरह बेसुध होता है तो कोई आग पर नंगे पाव चलता है।

bhoot-ojha-guni-woman-mela-crime-9महुआधाम में आए मनीष भी भूत पीड़ितों में से एक है। वह लगातार सिगरेट पी रहा है। मनीष के परिजनों का कहना है कि वो सिगरेट नहीं पीता, उसके शरीर पर आया भूत सिगरेट पी रहा है।

महिलाएं ज्यादातर मामलों में भूत की शिकार होती हैं। पीड़ित महिलाओ के परिजन उन्हें यहां लेकर आते हैं। तांत्रिक मंत्रों का जाप करता है और पीड़ित महिला को चावल के दाने देता है।

चावल हाथ में लेते ही महिला अजीब तरह का व्यवहार करने लगती है। ऐसे समय में कहा जाता है कि उसके शरीर भूत अपना रंग दिखा रहा है।

महिला शुरू में धीरे-धीरे हिलती है और फिर झूमने लगती है। इस दौरान तांत्रिक उसके बाल पकड़कर भूत से बात करता है।

bhoot-ojha-guni-woman-mela-crime-10वह भूत से पूछता है कि वह महिला को क्यों परेशान कर रहा है? कौन है और कहां से आया है? पीड़ित महिला भूत के बारे में बोलती है।

पीपल के पेड़ में बांधे जाते हैं भूत

औरंगाबाद के महुआधाम के विन्धवासनी मंदिर के खाली मैदान में महिलाएं सुमरति (मां का गीत) गाती हैं। यहां तांत्रिक महिलाओं के बाल पकड़कर उसके सिर को जमीन पर पटकता है और दावा करता है कि इससे भूत भाग जाएगा।

bhoot-ojha-guni-woman-mela-crime-6यहां कई महिलाएं झूम रही होती हैं तो कई बचने के लिए भाग रही होती हैं, जिन्हें तांत्रिक पकड़कर अपने पास बिठाता है। इस दौरान कई पीड़ित तरह-तरह की बातें करते हैं। कोई खुद को किसी गांव का भूत बताता है तो कोई स्वयं को किसी अन्य गांव का प्रेत बताता है। तांत्रिक इन सभी भूत-प्रेतों को पीपल के पेड़ पर बांधने का दावा करता है।

सरकार को चाहिये कि अंधविश्वास के इस खुले सार्वजनिक खेल को तत्काल बंद करे और मेले के आयोजन की परमिशन देने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये।

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