भारत में कुछ नहीं कर सकता लोकपाल

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लोहे को लोहा से या उससे ज्यादा प्रभावी चीज से काटा जा सकता है।  लकडी से काटने की बात करने वाला मुर्ख माना जायेगा।

इसीलिये मैं चुन चुन कर छटे हुये शब्दो का इसतेमाल खुजलीवाल और उसके पेड चमचो के लिये करता हूं। मैं शुरुआत से हीं किसी भी प्रकार के लोकपाल के खिलाफ़ था।

लोकपाल जिसे अंगेजी में ombudsman कहते हैं, वह दुनिया के पचासो छोटे छोटे मुल्क मे है। भारत मे भी विभिन्न विभागों में विभागीय लोकपाल है , कोई बदलाव नही दिखता ।

भारत जैसे बड़े मुल्क में लोकपाल कुछ नही कर सकता , कितने लोकपाल नियुक्त करोगे ?  कौन होगा लोकपाल?  क्या वह सीआरपीसी एवं साक्ष्य अधिनियम की अनदेखी कर के जांच करायेगा, फ़ैसला देगा?

 हमारे यहा न्यायिक अधिकारी कम है, मुकदमो की संख्या ज्यादा है। साइंटिफ़िक जांच नहीं होती। कानून है लेकिन उसका पालन नही होता । अगर इन समस्याओं का निदान हो जाये तो बहुत कुछ सुधर जायेगा ।

हां भ्रष्टाचार को पूरी तरह से जड़ से मिटाना संभव नही है । जब तक कि संपति पर व्यक्तिगत अधिकार को समाप्त न किया जाय। अन्ना खुद दस ट्रस्ट का मालिक है और करोड़ों का अनुदान हर साल सरकार से लेते हैं।

देश मे जनाक्रोश था, दुनिया भर मे सता का परिवर्तन हो रहा था। जनाक्रोश कहीं पूंजीवाद के खिलाफ़ न हो जाये, इसलिये उसे रोकना आवश्यक था। अमेरिका पूंजीवाद का संरक्षक है। मुस्लिम ब्रदरहुड का इस्तेमाल मुस्लिम राष्ट्रों में जनाक्रोश को रोकने के लिये करता है।

 भारत में उसने नारायन मूर्ति के माध्यम से खुजलीवाल को पैदा किया । बस यही है सच । खुजलीवाल चाहता है कि देश का आम चुनाव मात्र अंबानी और गैस के मुद्दे पर हो । बाकी समस्या भाड़ में जाये।

 ……….फेसबुक वाल पर  अधिवक्ता पत्रकार मदन तिवारी की पोस्ट व कुछ कमेंट

  • Shamshad Elahee Shams Those are idiots who makes us believe that India could rise thru creating a stupid law. ..actually these political jokers don’t have any idea of Indian problems at all.
    48 minutes ago · Like · 1
  • Anil Garg अमेरिका ने भारत मेँ नारायणमूर्ति के माध्यम से खुजलीवाल को पैदा किया ।मदन जी ,कभी इस सत्य पर थोड़ी रोशनी डालने का कष्ट करना ।क्या कान्ग्रेस या बीजेपी इस हकीकत को नहीँ जानती हैँ ।यदि जानती हैँ तो देश को क्योँ नहीँ बता रही हैँ ।
    44 minutes ago · Like · 2
  • Madan Tiwary Anil Garg वोट संजिदा मुद्दो पर नही मिलता । भावनात्मक मुद्दे ज्यादा असरकारी होते है । कांग्रेस और बिजेपी दोनो को खुजलीवाल जैसा जोकर चाहिये जो वास्तविक मुद्दो से लोगो का ध्यान भटकाये। दोनो दलो को पता है नारायन मुर्ति और खुजलीवाल की सलियत ।
    41 minutes ago · Like · 1
  • Yogesh Garg केजरीवाल ” दिल्ली जनलोकपाल बिल’
    को बंदरिया के बच्चे कि तरह छाती से चिपटाए
    काहे घूम रहे है, पार्टी की साइट पर अपलोड
    क्यों नहीं करवाते , पब्लिक को तो पता तो चले
    बिल में आखिर ऐसा क्या क्या था जिस पर सरकार
    कुर्बान हो गई । विपक्षी विधायकों को भी देर रात
    उपराज्य पाल के कहने पर कापी दी गई …पर आम
    पब्लिक को किधर से भी वो ‘सुरक्षित दरवाजे’
    का लिंक नजर नहीं आया जिधर से केजरीवाल निकल
    गए ।
    33 minutes ago · Like · 1
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