भारत में रोज़ बिकता है 61 लाख किलो गौ मांस !

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राज़नामा.कॉम। करीव दो दशक की  साल लंबी लड़ाई के बाद महाराष्ट्र सरकार गौवंश हत्या पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने में कामयाब हुई। राज्य में गौ हत्या 1976 से प्रतिबंधित है। अब बैल-बछड़े की हत्या भी गैरकानूनी है।

beafइस तरह देश के 29 राज्यों में से 24 में गौहत्या पर प्रतिबंध है।लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट दूसरा पहलू उजागर करतीं हैं।

झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में प्रतिबंध के बावजूद गायों की हत्या की जा रही है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान में गायों की हत्या के मामले तो सामने नहीं आए हैं लेकिन, यहां गौ-तस्करी होती रहती है।

बिहार में गौवंश हत्या प्रतिबंधित नहीं है लेकिन यहां गैर-लाइसेंसी बूचड़खानों में अवैध गौहत्या होती है।

पाकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल के अनुसार पाकिस्तान में कटने वाले 70 फीसदी पशु भारत से ही आते हैं।

हालात यह हैं कि बीते चार साल में भारत में बीफ यानी गाैवंश और भैंस के मीट की खपत में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

2011 में बीफ की खपत 20.4 लाख टन थी जो 2014 में बढ़कर 22.5 लाख टन हो गई है।इसके विपरीत पशुगणना के अनुसार देश में गौवंश की संख्या में 2007 के मुकाबले 2012 में 4.1 प्रतिशत की कमी आई है।

इसमें भी देशी गौवंश की संख्या में करीब 9 प्रतिशत की कमी आई है। इस दौरान नर भैंसों की संख्या में 18 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

हरियाणा सरकार विधानसभा के चालू बजट सत्र में ऐसा कानून लाने जा रही है जिसमें गौहत्या करने वाले व्यक्ति को दस साल की सजा का प्रावधान होगा।

भारत ने पिछले वर्ष 19.5 लाख टन बीफ का निर्यात किया।भारत बीफ निर्यात में विश्व में नंबर 2 पर है। पिछले छह महीने में बीफ निर्यात में 15.58 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

राज्यसभा की कमेटी ऑन पिटिशन्स में जैनाचार्य संत विजय रत्नसुंदर सूरीश्वर महाराज ने बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए मीट एक्सपोर्ट पॉलिसी के खिलाफ रिव्यू पिटीशन लगाई थी।

उन्होंने तर्क रखा कि भारतीय कानून के मुताबिक जवान और स्वस्थ पशुओं को बूचड़खाने में कत्ल नहीं किया जा सकता है। भारत से जिन देशों को बीफ निर्यात किया जाता है वहां जवान और स्वस्थ पशुओं का आयात ही मंजूर होता है।

ऐसे में या तो भारत में कानून का उल्लंघन हो रहा है या दूसरे देशों में। जैन संत के अनुसार सिर्फ बांग्लादेश सीमा पर ही 20 हजार गौवंश की प्रतिदिन तस्करी होती है।   

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