भयभीत मनोरंजन ने राजनामा से कहा, सीएम स्तर से दब रहा है मामला !

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manranjanझारखंड भवन निर्माण विभाग विशेष कार्यप्रमंडल, रांची के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार सिंह एवं ठेकेदार सुनील पांडेय समेत उसके कई गुर्गो ने प्रेस फोटोग्राफर मनोरंजन सिंह की जम कर पिटाई कर दी। मनोरंजन अभियंता प्रदीप सिंह के कार्यालय में हो रहे टेंडर प्रक्रिया की तस्वीर लेने पहुंचा था। रांची एसडीओ अमित कुमार और उनके भाई का रोल भी इस घटना में अपराधिक रुप से उभर कर सामने आए। मामला सीएम रघुबर दास स्तर तक पहुंचा लेकिन कहीं से कोई ठोस कार्रवाई होता नही दिख रहा है।

इन सबके बीच आज घटना के एक सप्ताह बाद राजनामा.कॉम के संपादक मुकेश भारतीय ने दैनिक जागरण के पीड़ित प्रेस फोटोग्राफर मनोरंजन सिंह से बातचीत की। बातचीत के दौरान कई तत्थ उभर कर सामने आए। उन तत्थों के आलोक में मन-मस्तिष्क में मात्र यही सबाल उठता है कि जब वेदर्द हाकिम हो तो फरियाद कहां करे।  प्रस्तुत है मनोरंजन सिंह के साथ हुई बातचीत के अंशः….

प्रश्नः आपने जो प्राथमिकी दर्ज की है उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है ?

 मनोरंजन सिंहः अभी तक कुछ नहीं । सीएम ने कमिश्नर को इन्क्वारी करने को कहा था। कमिश्नर ने क्या रिपोर्ट दी है, पता ही नहीं चल रहा है।

प्रश्नः आपके साथ जो घटना घटी थी, उसके लिए मूलतःकौन दोषी है ?

मनोरंजन सिंहः  मुख्य रुप से तो दोषी अभियंता प्रदीप कुमार सिंह ही हैं।

प्रश्नः रांची एसडीओ और ठेकेदार की क्या भूमिका थी ?

मनोरंजन सिंहः एसडीओ जब पहुंचे तो मुझे ईलाज के लिए भेजना चाहिए था लेकिन उल्टे वे मुझे धमका रहे थे कि अगर इस घटना के बारे में कहीं कुछ बोलोगे तो तेरे नाम पर एफआईआर कर देगें। तुम्हारा कैरियर चौपट कर देगें। और ठेकेदार की भूमिका यह थी कि जब प्रदीप सिंह ने कहा कि मारो तो कर्मचारियों समेत ठेकेदार और उसके लोगों ने भी मारना शुरु कर दिया।

प्रश्नः आपने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें किन-किन लोगों का नाम है ?

मनोरंजन सिंहः  जो नाम दिए हैं उनमें सबसे पहले तो कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार सिंह हैं। ठेकेदार का है। कर्मचारियों का है। एसडीओ अमित कुमार औऱ उनके भाई विनित कुमार हैं। विनित कुमार को ऐसे नहीं पहचान रहे थे। लेकिन वे खुद एसडीओ अमित कुमार के भाई बता कर मार रहे थे। उस समय मुझे इतनी मार पड़ रही थी कि अधिक कुछ भी नजर नहीं आ रहा था और न ही कुछ समझ में आ रहा था।

प्रश्नः सीएम साहब ने आपको घटना के संबंध में कोई आश्वासन दिया ?

मनोरंजन सिंहः  कुछ नहीं। मेरे पक्ष में घटना की रात ही आंदोलनरत पत्रकारों ने बताया था कि सीएम ने आयुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। लेकिन सप्ताह भर गुजर जाने के बाद कहीं कुछ नहीं दिख रहा है।

प्रश्नः सीएम स्तर से कार्रवाई न होना आपकी नजर में क्या दर्शाता है ?

मनोरंजन सिंहः पिछले दिन मैनें अखबार में एवं शोसल साइट पर देखा कि जो पौधारोपण हो रहा था उच्च न्यायालय का,उसमें सीएम साहब खुद प्रदीप कुमार सिंह,जिनके नाम केस दर्ज है, उनके साथ खड़े होकर, साथ हाथ पकड़ कर पानी पटा रहे हैं। अब आप ही बताईये कि इस महौल में हम किस कार्रवाई की उम्मीद करें।

प्रश्नः इसका अर्थ क्या समझते हैं?

मनोरंजन सिंहः इसका सीधा तो यही अर्थ है कि जो आरोपी उनके साथ खड़ा होकर फोटो खिंचवा रहा है। और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मामले को सीएम स्तर से दबाने का प्रयास हो रहा है।

प्रश्नः दैनिक जागरण अखबार आपको कितनी मदद कर रहा है ?

मनोरंजन सिंहः  सारे लोग एकजुट होकर मदद कर रहे हैं। अखबार के संपादक, ब्यूरो प्रमुख आदि लोग ईलाज से लेकर हर जरुरतों में खुल कर मदद कर रहे हैं। पूर्णतः स्वस्थ होने तक काम पर नहीं आने और घर में आराम करने को कहा है।

प्रश्नः अब आपको किन चीजों का भय सता रहा है ?

मनोरंजन सिंहः रात-बेरात हमको अकेले चलना है। बाइक से चलना है। जिस तरह की घटनाएं घट रही है कि पत्रकारों को अगवा कर जला दिया जा रहा है। यहां भी कुछ लोग कह रहे हैं कि तुमको गोली मार दिया जाएगा। तुम्हारा मर्डर हो जाएगा। अभी बच जा रहे हो, बहुत है। मुझे डर है कि मेरे साथ भी कहीं वहीं न घटना घटे, जैसा कि यूपी, मध्य प्रदेश जैसे प्रांतो में हो रहा है।

प्रश्नः इस मामले को लेकर कहीं कोई समझौता आदि का दबाब तो नहीं बना रहा ?

मनोरंजन सिंहः  हां सरकारी महकमे के कई जाने माने लोग केस नहीं करने, मामला वापस लेने के दबाब बना रहे हैं। वे तरह-तरह के प्रलोभन दे रहे हैं। तरह-तरह की धमकियां दे रहे हैं।

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