बीफ का बिजनेस करने वाले 95% हिन्दू, विधायक और सांसद चलाते हैं बीफ कंपनियां

Share Button

JUSTICE RAJENDRA SACHER

वर्ष 2006 में मुस्लिमों के लिए आरक्षण की सिफारिश करने वाली कमेटी के प्रमुख रहे दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राजेंद्र सच्चर के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है।

मथुरा के आरसी डिग्री कॉलेज में आयोजित इस्लामिक कॉन्फ्रेंस में उन्‍होंने कहा, ‘देश में बीफ का बिजनेस करने वाले 95 प्रतिशत लोग हिंदू हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बावजूद इसके दादरी में बीफ खाने को लेकर दादरी में एक शख्‍स की हत्‍या कर दी गई। यह मानवता की हत्‍या है। खान-पान की आदतों का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है, मैं भी बीफ खा सकता हूं।’

जस्टिस सच्चर ने जैसे ही ये बातें कहीं, कॉन्फ्रेंस में हंगामा हो गया और विरोध करने वाले लाइट, पंखे बंद करके बाहर जाने लगे।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा के दादरी के बिसहड़ा गांव में बीफ खाने की अफवाह के चलते मोहम्मद अखलाक नाम के शख्स की पीट-पीटकर हत्‍या कर दी गई थी।

जस्टिस सच्‍चर इसी मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे। कॉन्‍फ्रेंस में जस्टिस सच्‍चर ने बीजेपी विधायक संगीत सोम का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला।

उन्‍होंने कहा, ‘यहां तो एमएलए और एमपी की भी बीफ कंपनियां चलाते हैं, तब आम आदमी को ही निशाने पर क्यों लिया जाता है। किसी के खाने-पीने पर कोई कैसे पांबदी लगा सकता है।’

हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में आई थी, जिसमें मेरठ के सरधना से एमएलए संगीत सोम को मीट का कारोबार करने वाली कंपनी का डायरेक्टर बताया गया था।

हालांकि, इस रिपोर्ट का संगीत सोम ने खंडन किया था।

गौरतलब है कि मथुरा के आरसी डिग्री कॉलेज में ‘इस्‍लाम में बढ़ती कट्टरता’ विषय पर इंटरनेशनल कॉन्‍फ्रेंस बुलाई गई थी।

जस्टिस सच्‍चर जब बोल रहे थे, उस वक्‍त सभागार में कनाडा, बांग्‍लादेश, अफगानिस्‍तान और बांग्‍लादेश के बुद्धिजीवि भी मौजूद थे।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...