भ्रष्ट बीडीओ की गिरफ्तारी का मामला खोल रही रघु’राज की जीरो टालरेंस की पोल !   

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रांची (मुकेश भारतीय)। रघुवर जी, आपका सुशासन भी गजब है। उसकी दाद मिलनी चाहिये। अब देखिये न आपके राजधानी रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड का बीडीओ मुकेश कुमार, जिसका कार्यालय में खुद का कायदा कानून चलता है, वह सरेआम विचरण कर रहा है और पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के लिये छापामारी कर रहे हैं। जनता ने आपको चुना है। कल आपने आंसू भरे लहजो में इसकी पुष्टि भी की है।

खबर है कि मनरेगा घोटाला की जांच में मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने तत्कालीन बीडीओ पतना व वर्तमान बीडीओ ओरमांझी मुकेश कुमार व तत्कालीन मनरेगा बीपीओ महादेव मुर्मू की संलिप्तता पायी है।

रांगा थाना में दर्ज कांड संख्या 45/16 में बीडीओ व बीपीओ का भी उक्त प्राथमिकी में नाम शामिल करने की अनुशंसा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने की है।

वर्तमान में रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड में बीडीओ पद पर पदास्थापित एवं साहेबगंज जिले के पतना प्रखंड के पूर्व बीडीओ मुकेश कुमार

पतना प्रखंड क्षेत्र के केंदुआ व विजयपुर में डोभा निर्माण,  अनिल हांसदा व जमाई की जमीन पर पोखर निर्माण, खरिया हेंब्रम, कुंवर हेंब्रम व चरण टुडू की जमीन पर डोभा निर्माण योजना में मजदूरों के भुगतान में अनियमितता बरती गयी थी।

उसके बाद तत्कालीन बीडीओ मुकेश कुमार ने रांगा थाना में आवेदन देकर पंचायत सेवक सुधीर साहा, जेइ पवन दास, मुखिया मारगेट मरांडी, रोजगार सेवक लालचन साहा, बिचौलिया इस्लाम शेख, मेट नकीरूद्दीन, दिलीप साहा, मांझी हांसदा, सेराजुल अंसारी व पतना डाककर्मी के विरुद्ध राशि गबन करने का मामला दर्ज कराया था। उसके बाद सभी ने मिलकर 6 लाख 82 हजार 382 रुपये विभाग के पास जमा किया था।

जून के बाद मनरेगा आयुक्त मामले की जांच करने पतना पहुंचे। आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि योजना की स्वीकृति व देख-रेख बीडीओ व बीपीओ द्वारा की जाती है।

इससे साफ होता है कि उनकी भी मिलीभगत है। आयुक्त ने रांगा थाना को लिखित आदेश देकर तत्कालीन बीडीओ मुकेश कुमार व बीपीओ महादेव मुर्मू की गिरफ्तारी का आदेश दिया है।

इधर रांगा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार दास ने कहा कि एसडीपीओ का लिखित आदेश प्राप्त हुआ है। बीडीओ व बीपीओ के नाम प्राथमिकी में दर्ज कर गिरफ्तारी के लिये छापेमारी की जा रही है।

अब बताईये, पुलिस कहां छापामारी कर रही है। आसमान में या पाताल में। पुलिस को थोड़ा स्थल का मुआयना करने को बोलिये। यहां ओरमांझी में तो आपका बीडीओ खुलेआम विचरण ऐसे कर रहा है, मानो दूध का धूला उस सरीखा कोई न हो। एसडीओ, डीडीसी तक को सरेआम फॉलो कर रहा है। फिर कैसी फरारी और छापामारी ?

बीडीओ मुकेश कुमार की गिरफ्तारी की बाबत राजनामा.कॉम ने पतना (राजमहल) के डीएसपी से संपर्क किया तो उनका कहना था कि वे अभी हजारीबाग ट्रेनिंग में हैं। वे कुछ नहीं कह सकते। इस संबंध में जानकारी के लिये संबंधित मेरे प्रभारी इंचार्य इंसपेक्टर से बात कीजिये। प्रभारी इंसपेक्टर के एक मोबाईल नबंर की सिर्फ घंटियां बजती रहती है और दूसरा नंबर सुबह से शाम तक नॉट रिजबल बताता है।

इस संबंध में साहेबगंज के एसएसपी पी मुरुगन  ने राजनामा.कॉम को बताया कि अभी मामला अनुसंधान में है। विशेष वह कुछ नहीं कह सकते।

लेकिन जब उन्हें यह बताया गया कि डीएसपी ने अंनुसंधान के बाद आरोपी बीडीओ को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है और थाना प्रभारी का कहना है कि वे बीडीओ की गिरफ्तारी के लिये छापामारी कर रहे हैं, वे फरार हैं। जबकि वे ओरमांझी में बतौर पद पर सक्रिय है और उचस्थ अधिकारियों के कार्यक्रम में भी मीडिया के सामने शामिल हो रहे हैं ?

इस सबाल पर एसएसपी  पी मुरुगन  ने कहा कि वे मामले की जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पायेगें। हालांकि अगर डीएसपी स्तर से कार्रवाई सही ही हो रही होगी।

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