बिहार सूचना जनसंपर्क विभाग की लूट का नया तरीका

Share Button

बिहार सरकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग जनता की गाढ़ी कमाई को किस प्रकार लुटा रही है, इसकी एक ताजा वानगी ८ नवम्बर २०१२ को दैनिक हिंदुस्तान के पटना संस्करण के पेज सं-१४ पर बिहार सरकार के शिक्षा बिभाग  के छपे विज्ञापन  से देखा जा  सकता है।                                                                           

सूचना  एवं जनसंपर्क  विभाग, पटना के जारी आई  पी आर  डी -९९१५-एस [एजुकेशन] १२-१३ बिहार सरकार के शिक्षा बिभाग के प्रधान  सचिव अमरजीत सिन्हा के विभागीय पत्रांक -१२४७/दिनांक ११-१०-२०१२ द्वारा राज्य सरकार के सभी स्कूलों [निजी स्कूल सहित ]  को साल  में एक दिन ७ नवम्बर [कैंसर जागरूकता दिबस ]को शपथ दिवस मानाने  के सम्बन्ध  में छपा था। जिसमें सभी छात्रों से तम्बाकू का सेबन नहीं करने का सपथ  लेना था .

 जनसंपर्क विभाग द्वारा एक चौथाई पेज का रंगीन विज्ञापन लोगों को सूचना के लिये नहीं, बल्कि सिर्फ अख़बार को फायादा पहुंचाने के लिए ही जारी होता है। तभी तो प्रोगाम की समय समाप्त होने के बाद  विज्ञापन प्रकाशित होता है और राज्य सरकार ऐसे विज्ञापनों की राशि भुगतान भी करती है।

……….नालंदा से संजय कुमार की रिपोर्ट

Share Button

Relate Newss:

निरुप मोहंतीः झामुमो का वातानुकूलित प्रत्याशी !
वार्डन की मेहरबानी, बेटी की जगह 3 साल तक पढ़ाता रहा सेवानिवृत बाप
सीएम नीतीश के हरनौत में धरने पर बैठे पत्रकार और नकारा बने उनके चहेते नालंदा डीएम-एसपी
बंद हो आरोपियों की मीडिया ट्रायलः चीफ जस्टिस
रांची मीडिया कप में दिखी दैनिक भास्कर टीम की दबंगई
'यार की हार' का बदला यूं ले रहे हैं अंबानी-मोदी के नाथवानी!
डालटनगंज में लगा भूतों का मेला, प्रशासन मूकदर्शक !
सीएनटी-एसपीटी में संशोधन पर पुनर्विचार करेगी भाजपा !
फेसबुक पर अनजान हसीना की मायाजाल में फंसा युवक
हमारे पत्रकार संगठन का हर विवाद अंदरुनी मामलाः IFWJ अध्यक्ष
सेंसरशिप सिर्फ बिहार में ही नहीं हैं काटजू साहब
पत्रकारिता के नाम पर फ्रॉडगिरी
गजब ! ओरमांझी जन सूचना अधिकारी ने मांगे 25 रुपये प्रति पेज सूचना
रघुवर दास के बेटे के 'SEX AUDIO' पर हाईकोर्ट में याचिका
बीडीओ के इस अमानवीय कुकृत्य के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे सरकार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...