बिहार विधानसभा चुनावः नीतिश के हाथों मोदी को मिली करारी शिकस्त

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बिहार चुनाव पर देशभर की नजरें थीं और लालू प्रसाद तथा नीतीश कुमार के महागठबंधन ने बीजेपी नीत एनडीए को बेहद विवादित रहे इस बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त दे दी।

nitish_biharप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह चुनाव किसी बड़े झटके जैसा साबित हुआ है, क्योंकि उन्हीं के नेतृत्व में एनडीए यह चुनाव लड़ रही थी। अधिकांश एग्जिट पोल के सर्वे को झुठलाते हुए महागठबंधन 243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में 178 करीब सीट जीतने में कामयाब रही।

वहीं एनडीए सिर्फ 58 सीटों पर सिमट गई। निर्वाचन आयोग के अनुसार, महागठबंधन में शामिल जद (यू) ने पहली जीत बांका जिले के अमरपुर विधानसभा सीट से दर्ज की।

यहां से जद (यू) के जनार्दन मांझी ने जीत दर्ज की। मांझी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार मृणाल शेखर को 11,773 वोटों के अंतर से हराया। मांझी ने 2010 के विधानसभा चुनाव में भी जीत दर्ज की थी।

नीतीश कुमार ने जीत के बाद अपने पहले संबोधन में कहा, “यह बहुत बड़ी जीत है. हम इसे पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। राष्ट्रीय दृष्टिकोण से इस चुनाव परिणाम का बहुत महत्व है।”

पूरे चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी के निशाने पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद जीत से कहीं अधिक आह्लादित और आलोचना करने में मुखर रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का प्रचारक कहा और भाजपा नीत केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ने का संकल्प लिया।

लालू ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी को राज्य में भले सर्वाधिक सीटें मिली हैं, लेकिन नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने फोन कर नीतीश को जीत की बधाई दी। पूरे देश से विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उन्हें फोन कर बधाई दी। जिनमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।

चुनाव परिणाम में आरजेडी 80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन कर सामने आयी। जद (यू) को 71 सीटों पर जीत मिली. आरजेडी और जेडी (यू) के साथ चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने 27 सीटों पर जीत दर्ज कर जोरदार वापसी की।

वहीं बीजेपी को 53 सीटों से ही संतोष करना पड़ा।

पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (धर्मनिरपेक्ष) सिर्फ एक सीट जीत सकी। जो खुद मांझी की झोली में गया। वहीं अन्य सहयोगी दलों में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के खाते में सिर्फ दो सीटें गईं। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी को भी दो सीटों पर जीत मिल सकी है।

अन्य को तीन सीटों पर जीत मिल चुकी है जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्‍सवादी-लेनिनवादी) (लिबरेशन) को दो सीटों पर जीत मिली है।  

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