बिहार में जारी है ‘सृजन’ से भी बड़ा विज्ञापन घोटाला

Share Button

कार्यक्रम बीत जाने के बाद छपाए जाते रहें हैं सरकारी विज्ञापन

घोटालों का राज्य बिहार में अगर प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया को मिलने वाले सरकारी विज्ञापनों और उसके भूगतान की जांच की जाए तो यह बहुचर्चित भागलपुर के सृजन घोटाले से भी एक बड़ा घोटाला साबित होगा।

इसका एक बड़ा उदाहरण बीते 14 अक्टूबर को पटना से प्रकाशित एक हिन्दी दैनिक में कृषि विभाग का एक बड़ा विज्ञापन है।

13 अक्टूबर को ‘रबी अभियान सह महोत्सव’ में कृषि रथों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर विदा करने से संबंधित है।

नियमानुकूल इस विज्ञापन को 12 अक्टूबर या 13 अक्टूबर को प्रकाशित होना चाहिए था पर कई अखबारों में यह विज्ञापन कार्यक्रम समाप्ति के एक दिन बाद यानी 24 अक्टबर को प्रकाशित हुआ।

ऐसा नहीं कि ऐसा मामला पहली बार हुआ है। अगर जनसंपर्क विभाग और विभिन्न विभागों द्वारा जारी और अखबारों में बीते 16 वर्षो से प्रकाशित हो रहे विज्ञापनों और और उसके एवज में हुए भूगतान की जांच हो तो ‘सरकारी विज्ञापन’ का घोटाला ‘सृजन घोटाला’ से भी बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...