बिहार चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे गलत साबित होने पर NDTV के चेयरमैन ने मांगी माफी

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prannoy roy ndtvबिहार चुनाव को लेकर देश के विभिन्‍न टीवी चैनलों में पहली बार भारी अंतर देखने को मिला है। जब मतों की गिनती शुरू हुई तो अधिकांश न्‍यूज चैनलों ने भाजपा को बढ़त दिखानी शुरू कर दी थी।

दरअसल, जब पोस्‍टल मतपत्रों (postal ballots) की गिनती की जा रही थी, तब भाजपा आगे चल रही थी लेकिन जब इलेक्‍ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVMs) को खोलकर जांची गईं तो स्थिति एकदम से पलट गई।

इसके बाद तो अधिकांश न्‍यूज चैनलों के सभी अनुमान ध्‍वस्‍त हो गए। अधिकांश चैनलों के विशेषज्ञों का भी लाइव टेलिविजन के दौरान आंकड़ों का आकलन गलत साबित हुआ।

बिहार चुनाव के परिणामों के गलत पूर्वानुमानों के लिए एनडीटीवी (NDTV) ने सबसे पहले औपचारिक रूप से माफी मांगी है।

चैनल की वेबसाइट पर एनडीटीवी के चेयरमैन डॉ. प्रणॉय रॉय ने अपना बयान भी जारी किया है।

इस बयान में डॉ. प्रणॉय रॉय का कहना है कि पिछले 30 सालों से एनडीटीवी ने चुनाव की खबरों और विश्‍लेषणों को बेहतरीन तरीके से प्रस्‍तुत करने का प्रयास किया है।

उनका कहना है, ‘चुनाव परिणाम से पूर्व अनुमान और नतीजों को लेकर हमने हमेशा से सही चीजें रखने की कोशिश की है।

इस बार आंकड़ों में कुछ गलती रह गई, जिसे इतनी गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। कई बार चीजें सही होती हैं तो कई बार गलत हो जाती हैं। मतदान सर्वेक्षक की जिंदगी में यह सब होता रहता है।’

उन्‍होंने उदाहरण देते हुए बताया कि इस साल पूरे विश्‍व के लिए चुनाव की दृष्टि से यह साल सही नहीं था। यूनान से लेकर तुर्की तक सब पूर्वानुमान गलत साबित हुए।

डॉ. रॉय ने कहा, ‘चुनाव परिणामों को लेकर पिछली बार इतनी बड़ी गलती तब हुई थी जब कई साल पहले एनटी रामाराव भारी मतों से जीते थे। हालांकि तब भी हमसे गलती हुई थी लेकिन यह उतनी बड़ी नहीं थी जितनी की इस बार है।’

इस बार हमने अपनी तरफ से बेहतर प्रयास किया और सैंपल साइज भी बड़ा लिया तथा प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्र में गए। इसका मतलब यह रहा है कि हम वोटों को सीटों के अनुसार नहीं रख पाए। इस बार डाटा जिस एजेंसी से लिए गए वह काफी भरोसेमंद है, लेकिन उसके डाटा गलत साबित हुए। अब हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह गलती क्‍यों हुई। हम इसकी जिम्‍मेदारी लेते हैं और इसके लिए खेद प्रकट करते हैं।

डॉ. रॉय के अनुसार, मतगणना वाले दिन सभी न्‍यूज चैनल्‍स एक ही एजेंसी से डाटा प्राप्‍त करते हैं। इस बार सभी चैनल्‍स को जो पहला डाटा मिला, वह पूरी तरह गलत था। हमारा विश्‍लेषण इस डाटा के आधार पर था और ऐसा करीब 35 सालों से होता आ रहा है लेकिन इस तरह की गलती कभी नहीं हुई।

हमने भाजपा को आगे बताया था क्‍योंकि डाटा ऐसा ही दर्शा रहे थे। लेकिन अचानक ही यह डाटा गलत साबित हो गए। लगभग सभी चैनलों के डाटा आधे रास्‍ते में जाकर बदल गए। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। हमने एजेंसी से इसका जवाब मांगा है और हमें पता चला है कि वे हमें इसका जवाब देंगे और बताएंगे कि गलती कहां पर हुई।

डॉ. प्रणॉय रॉय ने इस बयान में कहा है, ‘हम आपसे, अपने दर्शकों से इस गलतफहमी के लिए खेद जताते हैं। एनडीटीवी और मेरा उद्देश्‍य हमेशा से लोगों को सही और तथ्‍यपरक समाचार उपलब्‍ध कराना रहा है। हमारे ऊपर भरोसा करने के लिए धन्‍यवाद और इसे ऐसे ही बनाए रखिए।’

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