बाजारू मीडिया को त्याग पत्रकार विनय ने खोला ढाबा

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लखनऊ। बाजारू मीडिया की जो हालत है, उससे संवेदनशील पत्रकार परेशान हैं। खासकर युवा पत्रकारों ने मीडिया में कुछ साल रहने के बाद अपना खुद का अलग रास्ता तय करने का इरादा बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक नौजवान पत्रकार विनय पांडेय ने मीडिया को गुडबाय बोलकर अपना ढाबा खोल लिया है।

कई मीडिया घरानो में काम कर चुके विनय पाण्डेय ने जब अपना ढाबा नेशनल हाईवे-28 पर ‘मिडवे यात्री प्लाजा’ नाम से खोला तो लोग हंसने लगे। लेकिन ढाबे की सफलता और विनय की लगन देखने के बाद यही लोग उनकी सराहना करने में जुट गए हैं।

विनय ने पत्रकारिता का कोर्स दिल्ली के एक नामी गिरामी कालेज से किया था। उसके बाद उन्होंने इंडिया न्यूज़, mh1 news, समाचार प्लस, न्यूज़ एक्सप्रेस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। कुछ सालों बाद विनय के घर की स्थिति अचानक बिगड़ गयी। पत्रकारिता की हालत खराब देख विनय पहले से ही परेशान थे।

उन्होंने पिता जी के लाख मना करने पर भी अपना मीडिया का करियर पीछे छोड़ अपने घर लौट आए और अपने गांव कुछ दिन खेती की। उसके बाद विनय ने अपना ढाबा खोला। तब लोगों ने कहा कि ये पत्रकारिता नहीं है, ये ढाबा है, नहीं टिक पाओगे।

विनय ने सबकी बातों को अनसुना करते हुए ढाबे के काम में दिन रात लगे रहे। अब विनय का ढाबा नंबर एक पर है। विनय के ढाबे को परिवहन विभाग ने 5 साल के लिए अनुबंधित कर दिया है।

आज यह ढाबा विनय की सफलता की कहानी बना हुआ है। विनय ने अपना इस्तीफा मीडिया संस्थान को मेल कर जो घर लौटे तो आजतक वापस नहीं आए। उन्होंने घर के पास ही अपने ढाबे के जरिए नई पारी की सफल शुरुआत कर दी है।

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