बागों में बहार है, दहशत में पत्रकार है !

Share Button

सुजीत ठमके

पढ़ा था दबाव में रहने वाला पत्रकार जनता की कभी भी आवाज़ नहीं बन सकता। ऐसे में उसे पत्रकारिता करने की बजाय किसी सरकारी दफ्तर, कॉरपोरेट कल्चर में नौकरी करनी चाहिए। बॉस और मालिक के आगे पीछे, जी हुजूर, तोहफा कबुल है… टाइप कुछ न कुछ कहते रहना चाहिए। तारीफों में कसीदे पढ़ने चाहिए।

आज देश के 95 फीसदी मीडिया हाउसेस को कॉरपोरेट सेक्टर ने दबोच लिया है। कॉरपोरेट सेक्टर सत्ता पक्ष से साथ डंके की चोट पर खड़ा है।

कॉरपोरेट सेक्टर के अपने वेस्टेड इंटरेस्ट है और मज़बूरी। पत्रकार खुलकर लिख नहीं पाता। क्योकि पैसा और नौकरी जाने का डर। खुलकर बोल नहीं पाता आलोचना नहीं कर सकता क्योकि आलोचना करना मतलब किसी का पक्षधर होने का संगीन आरोप।

कौन सी स्टोरी कवर करनी है। स्टोरी में कंटेंट क्या देने चाहिए। कैप्शन क्या देना है। लीड स्टोरी, एडिटोरियल क्या रहेगा। कौनसी स्टोरी फ़ाइल करनी है। किसके खिलाफ लिखना है। स्टोरी से किसका नाम हटाना है। किसे तर्जी देनी है। अजेंडा सेट है।

अब अजेंडा सेट मीडिया हाउसेस के मालिक करते है। एडिटर इन चीफ केवल नामधारी बुद्धिजीवी है। आज पत्रकारों की स्थिति देखकर लगता है। पत्रकार दहशद में है फिर भी बागों में बहार है।

Share Button

Relate Newss:

सावधान! जमशेदपुर-सरायकेला के ग्रामीण ईलाकों में ‘केसरी गैंग’ ने मचा रखा है यूं कोहराम
बाजारू मीडिया को त्याग पत्रकार विनय ने खोला ढाबा
टाइम्स नाऊ से अर्बण गोस्वामी का इस्तीफा, लांच करेंगे खुद का चैनल
पत्रकारिता-समाज सेवा सीखनी हो तो मुजफ्फरपुर में आनंद दत्ता से सीखिए !
श्रीकांत प्रत्युष ने जी न्यूज़ से इस्तीफा दिया
भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ अन्ना का एलान
सीएम ने रांची के ओरमांझी में किया देश के सबसे बड़े मछली घर का उद्घाटन
हिलसा के एसडीओ अजीत कुमार सिंह ने न्याय को यूं नंगा कर दिया
नालंदाः पूजा से पहले मिट्टी में दफन हो गई चार घरों की लक्ष्मी
बिहार में रंग लाई लालू-नीतीश की दोस्ती
अब मप्र के भाजपा प्रवक्ता ने वरिष्ठ नेता-अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा को बताया नमक हराम
अरुण जेटली पर लगे आरोपों से अंदर तक आहत हैं इंडिया टीवी के रजत शर्मा !
मीडिया की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक संकट
राज्यसभा की सदस्यता मुबारक हो हरिवंश जी
ऐसे लोग बनेंगे प्रेस एडवाइजर, तो रघुवर दास का बेड़ागर्क होना तय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Loading...
loading...