बांग्लादेशी तस्करों की गिरफ्त में है खगड़ा उंट मेला

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उंट

चालीस हजार से लेकर एक लाख रुपये में अच्छी नस्ल के ऊंट खगड़ा मेला में मिल रहे हैं। ऊंट की खरीदारी करने बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल व असम से लोग खगड़ा पहुंच रहे हैं।

खगड़ा रेड लाइटएरिया के निकट ऊंट की मंडी में सैकड़ों की संख्या में राजस्थान के अजमेर व किशनगढ़ की उंट मेला की शोभा बढ़ा रहे हैं।

खगड़ा मंडी से ऊंट की खरीदारी कर भारी संख्या में बंग्लादेश ले जा रहे हैं। रास्ते में न कोई पूछने वाला है, ना कोई टोकने वाले।

राजस्थान से ऊंट को सड़क मार्ग से किशनगंज खगड़ा मेला लाया जाता है। फिर ऐतिहासिक मेला क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में ऊंट रखी जाती है। ऊंट के मंडी खगड़ा में खरीददार बांग्लादेश से भी आते हैं।

मंडी में खरीदारी होने के बाद माङिया के रास्ते बंगाल में प्रवेश कर जाते हैं और वहां से बोर्डर पर तस्कर के यहां ऊंट रखा जाता है। जैसे ही मौका मिलता तस्कर ऊंट को बोर्डर से बंग्लादेश भेज देते हैं।

बंग्लादेश में दो से तीन लाख में बिकते हैं ये उंट

आपको बताते चले की ऊंट की कीमत खगड़ा मेला में चालीस हजार से एक लाख रुपये तक है, जबकि बांग्लादेश में दो से तीन लाख रुपये बेची जाती है।

 सूत्रों की मानें तो किशनगंज से बांग्लादेश भेजने में एक ऊंट पर पच्चीस से तीस हजार रु० खर्च कर देने से बांग्लादेश सीमा पर ऊंट पहुंच जाती है।

कहीं कोई भी पूछने वाला नहीं मिलेगा, ना ही कोई टोकने वाला। हां अगर आप मैनेज नहीं किये हैं तो पकड़े जाने पर अन्तरराष्ट्रीय मवेशी तस्कर की श्रेणी में नाम जुड़ जाएगा और कार्रवाई होगी।

सिलीगुड़ी में भी है मांग

बताते चले की सिलीगुडी में ऊंट को दो लाख रुपये में बेची जाती है। किशनगंज से सिलीगुडी ले जाने में खर्च होती है, पच्चीस हजार रुपए। रास्ते में कोई दिक्कत नहीं सिर्फ ग्रीन सिग्नल ले और चलते बने।

सफेदपोश के संरक्षण में किशनगंज से हो रही है ऊंट की तस्करी व्यापक स्तर पर हो रही है। सिलीगुड़ी में भी उंट की मांग बढ़ रही है।

कैसे हुआ खुलासा

आप को बताते चले की ऊंट की खरीदारी करने खगड़ा मेला गए लोगों ने बताया कि वहां ऊंट खरीदने से पहले पूछा जाता है कि कहां से आये हैं। 

साभारः फेसबुक

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