बराक ओबामा की शान या उनकी कायरता की पहचान !

Share Button

इस बार 66वें गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हमारे देश की लोकतांत्रिक परंपरा को मरोड़ कर रख दिया वहीं, हमारी देश की सुरक्षा व्यवस्था को  धत्ता बतोते हुए उसे भी चुनौती दे डाली।

obama_car_modiखबर है कि ओबामा ने हमारे देश की अब तक की परंपरा को नकारते हुए भारतीय राष्ट्रपति के साथ उनके वाहन से राजपथ के सलामी मंच तक आने की बजाए अपनी अति सुरक्षित गाड़ी ‘द बीस्ट’ से आए।

जबकि, अब तक की हमारी परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हमेशा भारतीय राष्ट्रपति के साथ उनकी ही कार में सवार होकर राजपथ आते रहे हैं।  

कोई अमेरिकी राष्ट्रपति पहली बार गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि बना है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हमारे देश के प्रथम राष्ट्रपति महामहिम राष्ट्रपति को नकार कर चले।

माना कि ओपेन लिंकन कांटीनेंटल में सवार अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्या हो गई थी और उसके बाद से अमेरिका के राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं, अपने ही अभेद्य वाहनों में सवारी करते हैं।

लेकिन यहां मसला हमारे राष्ट्रीय त्योहार गणतंत्र दिवस का है। जहां हमारे देश के पीएम और प्रेसीडेंट खुद मौजूद हों, वहां अमरीकी राष्ट्रपति में इतनी असुरक्षा भावना समझ से परे है। 

obama_bistबताया जाता है कि ओबामा का ‘बीस्ट’  एक ऐसा बख्तरबंद वाहन है।  जिस पर आठ इंच मोटा बख्तर लगा है और उसकी पांच इंच मोटी बुलेटप्रूफ खिड़कियां रासायनिक हमले समेत हर तरह के खतरों से महफूज रखती हैं।

बीस्ट के दरवाजे बोइंग 757 के दरवाजों के बराबर वजन वाले हैं। आठ टन की यह गाड़ी ‘श्रेड’ एवं ‘पंक्चर’ रोधी केवलर रीइन्फोस्र्ड टायरों पर चलती है जिसके अंदर की मजबूत स्टील की रिम सुनिश्चित करती है कि अगर टायरों को कोई नुकसान भी पहुंचे तो गाड़ी कहीं नहीं रूके।

वैसे वर्ष 2012 से हमारे भारतीय राष्ट्रपति भी बख्तरबंद काली मर्सडीज़ बेंज़ एस600 (डब्ल्यू221) पुलमैन गार्ड में सवार होकर चलते हैं।  इसे सैन्य राइफलों के गोलियां, बमों के छर्रे और अन्य विस्फोटक भेद नहीं पाते हैं। लेकिन वे विदेशों में जहां भी जाते हैं तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था वहीं की होती है।

वेशक अमरीकी राष्ट्रपति के इस मानसिकता से साफ जाहिर होता है कि वे काफी वैश्विक भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्हें भारत जैसे देश की सुरक्षा प्रबंधों पर भी विश्वास नहीं है। भले ही यह रवैया उनके लिये शान की बात हो लेकिन हमारे लिये अपमान की बात तो हैं ही।   

Share Button

Related Post

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.