फॉक्स न्यूज का दावा: भाषण के दौरान प्याज लगाकर रोए ओबामा  

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अमरीका में बंदूकों पर नियंत्रण के दौरान भाषण के वक्त राष्ट्रपति ओबामा की आंखों से निकले आंसू पर फोक्स न्यूज टीवी चैनल ने निशाना साधा है।


चैनल ने दावा किया है कि ओबामा ने आंसू निकालने के लिए प्याज के रस का इस्तेमाल किया था। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते गन कंट्रोल पर स्पीच देते वक्त ओबामा की आंख से आंसू निकल आए थे।

न्यूज चैनल की एंकर एंड्रिया टंटारोस ने कहा कि नेता ने जैसा इमोशन दिखाया, उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मैं पोडियम चेक करती, कहीं उन्होंने कच्चा प्याज तो नहीं रखा था या फिर कुछ और नो मोर टीयर्स (जॉनसन बेबी शैम्पू)। मैं बस यही कहना चाहती हूं कि ये भरोसे के लायक नहीं था, क्योंकि ये अवॉर्ड सीजन जैसा है।

इस दौरान को हॉस्ट मेलिसा फ्रैंसिस ने ओबामा के इमोशन को बैड पॉलिटिकल थिएटर करार दिया। उन्होंने कहा कि उस फायरिंग में जो बच्चे मारे गए थे, उन्हें लेकर मैं बुरा सोचती हूं, लेकिन वे केवल इसे लेकर ही दुखी होते हैं, कभी टेरर को लेकर नहीं।

मेरे आंखों से आंसू कैसे निकले मुझे खुद नहीं पता  :बराक ओबामा

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि वे हैरान है कि बंदूक नियंत्रण उपायों की बात करने के दौरान वह सबके सामने रो कैसे पड़े। उन्होंने कहा कि शायद उनकी इस प्रतिक्रिया से कई लोग उस वक्त भौंचक्के रह गए थे।

बंदूक नियंत्रण नीति पर बात करते हुए ओबामा ने कहा कि इसकी निजी बिक्री के दौरान जरूरी है कि ग्राहक की पृष्ठभूमि की अच्छे से और अनिवार्य रूप से जांच की जाए।

कनेक्टिकट हादसे को याद करते हुए ओबामा ने कहा कि हमले के दो दिन बाद जब वह न्यू टाउन गए तो वहां उन्होंने पहली बार सीक्रेट सर्विस कर्मियों को रोते हुए देखा। जरा सोचिए उन बच्चों के बारे में जो यह समझ ही नहीं सके कि अब उनके भाई बहन कभी घर नहीं आएंगे।

ओबामा का कहना है कि उनके पास कभी भी गन नहीं रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह बाकी सभी अमरीकी लोगों के बंदूक खरीदने के संवैधानिक अधिकार को किसी साजिश के तहत छीनना चाहते हैं।

उधर, रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की दौड़ में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह बंदूक नियंत्रण पर ओबामा के उपायों से असहमत हैं, लेकिन इस मामले पर बात करने के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति के आंसू बह जाना काफी स्वाभाविक और उनकी कोशिशों के पीछे की अवधारणा न ही गलत है, न ही उनकी भावना।

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