फेकऑफ से पता लगाएं कि फेसबुक पर हैं आपके कितने फर्जी दोस्त

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fakeoff-appसोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पहचान छिपाने या गलत पहचान पेश करने के बढ़ते मामलों के मद्देनजर इस्राइल की एक कंपनी ने एक ऐसा ऐप्लिकेशन डिवेलप किया है, जो फेसबुक पर फर्जी अकाउंट्स को पहचानने में मदद करेगा। फेसबुक पर मौजूद फेकऑफ नाम के इस ऐप के बारे में दावा किया गया है कि यह यूज़र को उन फर्जी प्रोफाइल से बचाता है, जिन्हें वे नए ऑनलाइन फ्रेंड्स समझने की गलती कर बैठते है।

कैसे चेक करें:  फेसबुक खोलें और लॉग-इन करें। सबसे ऊपर सर्चबार में ‘fakeoff’ लिखते ही ऐप्स की कैटिगरी में यह दिखने लगेगा। इस पर क्लिक करें और इसमें दाईं तरफ ‘Go to App’ पर क्लिक करें। इसके बाद जो पेज खुलेगा, उसमें ‘Connect with Facebook’ पर क्लिक करें।

इसके बाद यह कुछ देर आपके कॉन्टैक्ट लिस्ट को खंगालने में लगाएगा। फिर आपको अपने फ्रेंड्स की लिस्ट दिखेगी, जिसमें से सभी के नीचे दो बटन – ‘Let’s Check him/her’ और ‘I know He/She is real!’ दिखेंगे। जिन्हें आप जानते हैं कि वे सही हैं, उनमें आप ‘I know He/She is real!’ पर क्लिक कर सकते हैं। इससे वे आपकी पॉजिटिव लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। जिनके बारे में आप जानना चाहते हैं कि वे सही हैं या नहीं, उनके ‘Let’s Check him/her’ पर क्लिक करें। फिर एक पेज खुलेगा। इसमें ‘Start Basic Investigation’ पर क्लिक करें। एक विंडो खुलेगी उसे Ok करें।

इसके बाद आपसे कुछ सवाल पूछे जाएंगे, जैसे कि क्या वह सिलेब्रिटी हैं, आपने उनसे फेसबुक से अलग कभी बात की है या आप कभी उनसे मिले हैं। इसे सबमिट बेसिक रिजल्ट मिलेगा, जो 1-10 मार्क पर होगा। इसमें 1-2 में ‘Be alert’, 3-4 में ‘Be cautious’, 5-6 में ‘Looks normal’, 7 में ‘Good’ और 7 से ऊपर ‘Very good!’ बताया गया है।

अगर आप और ज्यादा गहराई से चेक करना चाहते हैं, तो इस ऐप के प्रफेशनल वर्ज़न में चेक कर सकते हैं। प्रफेशनल वर्ज़न 14 दिन के लिए फ्री है, जिसमें आपको फोटो स्कैन जैसे कई फीचर्स मिलेंगे।फेकऑफ को डिवेलप करने वाले एलिरेन शाचर ने बताया कि यह ऐप्लिकेशन संदिग्ध फ्रेंड्स की गतिविधियों के आकलन के लिए एक अडवांस्ड ऐल्गॉरिदम का इस्तेमाल करता है और उन प्रोफाइल्स को 1 से 10 के स्केल पर मापता है।

यह संदिग्ध प्रोफाइल की साल भर की टाइमलाइन ऐक्टिविटी को भी स्कैन करता है और उसकी हर संदिग्ध ऐक्टिविटी पर नजर रखता है। शाचर के मुताबिक, हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि फेसबुक पर मौजूद कुल यूजर्स में से करीब 10 प्रतिशत प्रामाणिक नहीं हैं। इसके अलावा बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो पहचान बदलकर नियमित तौर पर फेसबुक पर लॉगिन करते हैं। शाचर के मुताबिक, इन फर्जी प्रोफाइल्स से आइडेंटिटी थेफ्ट, पॉरनॉग्रफी से लेकर पर्सनल इंफर्मेशन के गलत इस्तेमाल का खतरा बना रहता है। 

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