प्रेरणा नहीं, पीड़ा बन गई है राजेन्द्र का यह विश्व रिकार्ड

Share Button

RAJENDRA SAHUराजनामा.कॉम(मुकेश भारतीय)।  महज जिद और जुनून के बल विश्व रिकार्ड बना चुके आनंदी के राजेन्द्र कुमार साहु का जीवन जितनी गंभीर और प्रेरक है, उससे कहीं अधिक कुछ नया कर गुजरने की कहानी रोचक।

बकौल राजेन्द्र, हर तरफ से थक हार मायुस होकर गांव लौटे और पुनः खेती-बारी के काम में जुट गए तो उनके मन में यह टीस सालती रही कि वे कुछ ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे देश-दुनिया के लोग जान सके।

स्वंय राजेन्द्र के शब्दों में, “ एक दिन वे यूं ही अखबार पढ़ रहे थे कि अचानक नजर एक खबर पर गई। खबर उत्तर प्रदेश की थी। एक युवती ने अपनी बालों से एक 407 ट्रक को खींच डाला था ”

इस खबर ने राजेन्रद्र के दिलोदिमाग में एक कौंध पैदा कर दी कि जब एक युवती बालों से इतना सब कर सकती है तो वह कुछ अधिक क्यों नहीं।

फिर क्या था। उन्होनें फैसला लिया कि वे दांतो के सहारे एक नया कीर्तिमान बनाएगें। शायद उन्हें शारीरिक तौर पर अपनी दांतों की मजबूती पर अधिक विश्वास था।

सबसे पहले राजेन्द्र ने अपनी दांतो से 5 KG बजन उठाया। फिर अगले सप्ताह 10 KG उसके बाद निरंतर 15 KG, 25 KG,50 KG, 75 KG बजन उठाने में सफल हो गए।

खुद राजेन्द्र बताते हैं कि जब भी अपनी दांतों से नया भार उठाते, तो पड़ोस के युवकों को दिखाते और बहुत खुश होते थे।

75 KG बजन उठाने के बाद उन्होंने अपनी दांतो से सर्वप्रथम मारुती वैन खिंचने का निर्णय लिया और 100 मीटर तक निर्बाध खिंचने में सफल रहे। उसके बाद क्रमशः 407 , 709 और एलपी ट्रक खींच डाले।

rajendra sahuबकौल राजेन्द्र, अब तक ये सारे प्रदर्शन गांव-मोहल्ला में ही खास करीबी लोगों तक ही सीमित था। पहली बार वर्ष 2010 में ओरमांझी प्रखंड ब्लॉक चौक (शास्त्री चौक) के पास ग्रामीण सड़क पर एक साथ दो 709 औऱ एक एलपी ट्रक को अपनी दांतो से खींच कर समूचे क्षेत्र में सनसनी पैदा कर दी। इस दंत शक्ति के प्रदर्शन की चर्चा सर्वत्र होने लगी लेकिन उन सुदूर चर्चाओं में अविश्वासनीयता भी होती थी। 

तब इन शंकाओं को दूर करने के लिए राजेन्द्र ने झारखंड की राजधानी रांची में सर्वाधिक लोकप्रिय स्थल मोराबादी मैदान में करने का फैसला किया और मीडिया के सामने भारी भीड़ के बीच पुनः एक साथ दो 709 औऱ एक एलपी ट्रक को अपनी दांतो से खींचने में सफल रहे। इस प्रदर्शन को मीडिया ने एक विश्व रिकार्ड की संज्ञा दी।

बहरहाल, राजेन्द्र ने 18 टन भार वाले ट्रकों को अपनी मजबूत दांतों से खीच कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लेकिन इस विश्व रिकार्ड के अतीत और वर्तमान में छुपी सच्चाईयां मन-मस्तिष्क को झकझोर कर रख देती है। युवाओं के लिए ऐसी संघर्ष के बाद सफलता और बदहाली प्रेरणा दायक नहीं अपितु तोड़क साबित हो रही है।  

Share Button

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.