पूर्व प्रबंधक के बयान से सिकिदिरी में उबाल, किसने कराया 17 लाख का काम ?

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अनवर को न्याय नहीं मिला तो ठप कर देगें पावर प्रोजेक्ट

-मुकेश भारतीय-

रांची। सेवानिवृत पूर्व परियोजना प्रबंधक वसीरुद्दीन अंसारी के बयान के बाद सिकिदिरी में उबाल आ गया है। लोग काफी गुस्से में हैं। आक्रोशितों का कहना है कि अगर संवेदक शेख अनवर को न्याय नहीं मिला तो पावर प्रोजेक्ट को नहीं चलने देगें। अंजाम चाहे जो भी हो।

रविवार को पूर्व परियोजना प्रबंधक के बयान की पड़ताल को लेकर इस संवाददाता ने प्रोजेक्ट परिसर समेत उसके आसपास के सिकिदिरी, मिर्चा टोली, साढ़ूबेड़ा, कुसुम टोला, हुण्ड्रू बस्ती,मैलडी, जाती बेड़ा जैसे गांवों का सघन दौरा किया। वहां के सुरक्षा प्रहरियों, ग्रामीणों, मजदूरों, ठेकेदारों, सप्लायरों, वाहन चालकों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य सैकड़ों जानकारों से सीधा वीडियो साक्षात्कार लिया गया। सबने एक सुर में कहा कि पावर हाउस नं. 2 में बोल्डर पिचिंग का काम संवेदक शेख अनवर ने किया है और प्रबंधक चाहे पूर्व हो या वर्तमान, इस संदर्भ में अपनी फंसी गर्दन बचाने के लिए झूठ बोल रहे हैं। इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत पूर्व प्रबंधक ने  हिन्दी दैनिक आजाद सिपाही में यह बयान दिया है कि परियोजना में किसी भी प्रकार का कार्य प्रारंभ कराने के पूर्व निगम के नियमानुसार सक्षम पदाधिकारी का अनुमोदन आवश्यक होता है। फलतः उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई कार्य परियोजना में मौखिक आदेश के द्वारा नहीं कराया गया है। “ सिकिदिरी परियोजना में 17 लाख का काम ” के संबंध में न तो संवेदक और न तो संबंधित विभाग के साइट इंचार्य द्वारा उन्हों लिखित या मौखिक  तौर पर सूचना प्राप्त थी। निगम द्वारा मौखिक तौर पर कार्य करने का प्रवधान कतई नहीं है।

वसीरुद्दीन अंसारी जैसे प्रबंधक की इस दलील पर गौर करें तो वे खुद अपने ही बयान में फंसते नजर आ रहे हैं। यह एक कड़वा सच है कि 2 नं. पावर हाउस के डेंजर जोन में बोल्डर पिचिंग के कार्य उनके कार्यकाल में ही हुआ है और कार्य करने वाला संवेदक अनवर शेख ही हैं। यह कदापि संभव नहीं है कि कोई संवेदक सात माह तक 60-70 मजदूरों के साथ प्लांट के अंदर लगातार काम करते रहे और प्रबंधक को पता न चले। अब कार्य किस आदेश के तहत हुआ है, यह प्रबंधन के लोग ही बेहतर बता सकते हैं। जो कि कोई बताने को तैयार नहीं है।

लेकिन गांव की धरती कभी झूठ नहीं बोलती। खून पसीने की कमाई खाने वाले कभी फरेब नहीं रचते। भ्रष्टाचार के दलदल में धंसे लोग इसी का फायदा उठा रहे हैं। परियोजना प्रबंधन को यह साफ करनी चाहिये कि यदि यहां मौखिक आदेश से या बिना टेंडर के काम नहीं हुआ है तो फिर जमीन पर दिख रहे 17 लाख के बोल्डर पिचिंग के काम का लिखित आदेश कब दिए गए। उसके टेंडर कब निकाले गए। किस संवेदक ने वह काम किया। चूकि वसीर अंसारी के प्रबंधन काल में ही ये काम हुए हैं। इसलिए इसकी पुष्टि करने की जबाबदेही उन्हीं की अधिक बनती है। अन्यथा इस मामले को लेकर प्रबंधन के प्रति जो स्थानीय आक्रोश उभर रहे हैं, वे आने वाले दिनों में परियोजना के लिए काफी घातक सिद्ध होगें। ऐसे भी सोमवार की सुबह 10 बजे से पीड़ित संवेदक शेख अनवर ने परियोजना प्रबंधन कार्यालय के सामने सपरिवार आमरण अनशन करने की घोषणा की है। उस अनशन में आम लोगों का आक्रोश छुपा होना लाजमि है।

badri kumar mahto“ अनवर जी को काफी पहले से जानते हैं। यहां बोल्डर पिंचिंग के कार्य इन्होंने ही कराया है। यह कहीं भी खड़े होकर कह सकते हैं। ” ……. बद्री कुमार महतो, प्रोजेक्ट सुरक्षा गार्ड।

nepalchandra mahto“  अनवर जी को यहां 40-50 मजदूरों के साथ बराबर काम करते देखा है। साहेब लोग भी आते थे। प्रोजेक्ट मैनेजर भी कई बार काम देखने आए थे। इंजीनियर लोग नापी-जोखी करते रहते थे। …….नेपालचन्द्र महतो, प्रोजेक्ट सुरक्षा गार्ड।  ”

“  यहां पिछले चार-पांच साल से दिन-रात होटल चला रहे हैं। पिछे जो बोल्डर बिछा देख रहे हैं, उसे अनवर जी ने हीं बिछाया है। इसी होटल में इनके मजदूर लोग नाश्ता-पानी किया करते थे। अभी भी उनके पास 3-4 हजार रुपये बकाया है। मांगने पर कहते हैं कि अभी पेमेंट नहीं हुआ है।  ”  …..बंक बेदिया, प्रोजेक्ट गेट के ठीक पहले द्रुपद गांव निवासी होटल संचालक।

sujit kumar ngo“ यह परियोजना भ्रषटाचार का प्रमुख अड्डा बन गया है। इसे प्रबंधन और निगम को स्वीकार करना पड़ेगा। कुटे निवासी अनवर जी को बचपन से जानते हैं। इन्हें पावर हाउस-2 में पिचिंग का काम करते बीसो बार देखा है। इसे कोई झूठला नहीं सकता ”

…….सुजीत कुमार, युवा भाजपा नेता, एनजीओ संचालक, सिकीदिरी।

 pralhad ansari“  हम लोग हुण्ड्रू फॉल हमेशा घुमने जाते रहे हैं। वहां जब भी गए तो शेख अनवर को मजदूरों से काम कराते देखा है। अगर कोई कहता है कि इन्होनें काम नहीं करवाया है तो वह साफ झूठ बोल रहा है। चाहे कोई भी हो।  प्रबंधक वशीर अंसारी को खुद कई बार देखा है इस दौरान कार्यस्थल पर ” …. प्रल्हाद अंसारी, बस्ती निवासी।

naresh turi“ वहां पर काम प्रोजेक्ट मैनेजर ने करवाया है और करने वाला शेख अनवर है। यह सब जानते हैं। प्रोजेक्ट मैनेजर का इंकार करना बहुत गलत बात है। ”  .…. नरेश तुरी, आम ग्रामीण, सिकिदिरी।

sikandar bediya“  हमने शेख अनवर को पावर हाउस में बोल्डर बिछाने का काम करते देखा है। अगर कोई इससे इंकार करता है तो यह सरासर गलत है। इसका सारे ग्रामीण विरोध करेगें। यहां मौखिक आदेश पर ही काम होता रहा है। पहले काम होता था। फिर उसका भुगतान। वसीर अंसारी के काल में यह चरम पर था। शेख अनवर को वसीर अंसारी के काफी करीव देखते रहता था। अब जानने से इंकार करना समझ से परे है। ” .…सिकंदर बेदिया, पूर्व मुखिया पति, सिकिदिरी।

munna chaudhry“  शेख अनवर के कहने पर कार्यस्थल पर करीब 200 गाड़ी पत्थर और बालू गिराए है। उसका भुगतान भी वही करते थे। कुछ पैसा अभी भी फंसा हुआ है गाड़ी भाड़े का। ”……मुन्ना चौधरी, वाहन चालक।

rajkumar“  यहां के एक एक आदमी को जानते हैं। शेख अनवर यहां के पुराने संवेदक हैं। उनके लिए पहले माल सप्लाई करते थे। उसका भुगतान हो जाता था। इस बार उनके कहने पर पावर हाउस बोल्डर पिचिंग वर्क में माल गिराया। उसका भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। यह काम प्रबंधक वसीर अंसारी के अंडर में शेख अनवर द्वारा किया जा रहा था। अब  मामला क्या है कि मेरा 6-7 लाख रुपये फंस गया है। ”….. राजकुमार, क्रेसर मालिक एवं मटेरियल सप्लायर।

raman kumar“ जब भी उधर गए हैं तो मजदूरों के साथ अनवर जी को ही काम कराते पाए हैं। वहां वे चाय नाश्ता भी कराते थे और कहते थे कि देखो बाबू काम कैसा हो रहा है। काम तो इन्होनें ही किया है।  ”..… रमण कुमार, वार्ड सदस्य, सिकिदिरी कॉलोनी।

nirmal karmali cotractor“ उस दौरान उधर मेरा भी काम चल रहा था। तब हमने बराबर देखा कि अनवर जी बोल्डर पिचिंग का काम करा रहे हैं।  ”...निर्मल करमाली, संवेदक, सिकिदिरी प्रोजेक्ट।

kartik pahan“  उस बीच मेरा भी काम चल रहा था। जब भी जाते थे तो अनवर जी को ही काम कराते पाते थे। रेजा-कुली के बीच बोलते रहते थे कि इधर करो या उधर करो। यह नहीं बता सकते हैं कि ये काम मौखिक आदेश से कर रहे थे या टेंडर से।   ”... कार्तिक पाहन, संवेदक निवासी हेसातु बस्ती।

“ शेख अनवर के कहने पर ही वहां 10 गाड़ी बालू गिराए थे और पेमेंट भी उन्हीं ने किया था। बोल्डर पिचिंग का काम वही कर रहे थे।    ”….. ब्रजकिशोर प्रसाद, सप्लायर, निवासी ढेलुआ खूटा वस्ती।

 

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