पीएलआईफ नक्सलियों के “बिहार बंद” के पर्चे से सनसनी

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 मसौढ़ी में गिरफ्तार दोनों नक्सली नालंदा के, बंद नीतीश विरोधियों की साज़िश

naksal झारखण्ड के प्रमुख नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ इंडिया ने आगामी 25 नवंबर को सम्पूर्ण ‘बिहार बंद’ की घोषणा की है।

यह घोषणा नक्सलियों ने 23 नवंबर को रात के अँधेरे में दक्षिण बिहार के मसौढ़ी, हिलसा एवं बिहारशरीफ में परचा गिरा कर और साट कर की है।

पूरी बंदी नहीं रहने पर पीपुल्स लिबरेशन के नक्सलियों ने किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम देने की खुली चेतावनी भी दी है।

उक्त आशय के पर्चे से सम्बंधित इलाकों में बुरी तरह सनसनी फ़ैल गई है तथा आम लोगों के दिलों में तरह-तरह की आशंकाएं घर करती जा रही हैं।

इस प्रकार पीएलआइएफ के नक्सलियों ने सूबे के पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सूबे की पुलिस ने 25 नवंबर को हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

बिहार में पीएलआइएफ के नक्सलियों की यह पहली गतिविधि है। बंद को पूरी तरह सफल करने के लिए बिहार के आम आवाम से सहयोग की अपील की गई है।

लोगों के बीच गिराये गए पर्चे के अनुसार “बिहार बंद” का आह्वान सरकार की भ्रष्ट अफसरशाही, आर्थिक शोषण एवं दमनकारी नीतियों के विरुद्ध है। इस बंद से स्कूल ,हॉस्पिटल तथा प्रेस को मुक्त रखा गया है।

इन पर्चों में स्पष्ट चेतावनी भी दी गई है कि पूरी तरह बंदी नहीं रहने पर पीपुल्स लिबरेशन के नक्सली किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसकी सारी जवाबदेही राज्य सरकार,अफसर तथा पूँजीवादी लोगों की होगी।

पर्चों में इनको जारी करने वाले का नाम पीपुल्स लिबरेशन के राज्य संचालक गणेश शंकर का नाम अंकित है।

तात्पर्य यह कि कई तरह की समस्याओं से जूझ रही बिहार सरकार के लिए यह एक नई चुनौती बनकर उभरी है।

इस बीच पटना की मसौढ़ी पुलिस ने 23 नवंबर की रात वहां मेन रोड पर पाण्डेय मार्किट के समीप उक्त आशय का परचा साट रहे राहुल राज समेत पीपुल्स लिबरेशन के दो कथित नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।

मसौढ़ी के अनुमंडलाधिकारी सुरेन्द्र पंजियार ने दूरभाष पर बताया कि किसी ने थानाध्यक्ष कल्याण सिंह को रात में फोन कर उक्त परचा साटने की सूचना दी थी।

थानाध्यक्ष ने बगैर किसी विलम्ब के उक्त स्थान की घेराबंदी कर दोनों को मौका-ए-वारदात पर से गिरफ्तार कर लिया।

दोनों ही गिरफ्तार नक्सली नालंदा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस इन दोनों से आवश्यक पूछताछ कर रही है।

यहाँ पर विशेष तौर पर उल्लेखनीय है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार सूबे की संपर्क यात्रा पर हैं।

इसी क्रम में वे कल 25 नवंबर को बिहारशरीफ श्रम कल्याण केंद्र में पार्टी कार्यकर्ताओं के विशेष राजनैतिक सम्मलेन को सम्बोधित करेंगे।

राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि नीतीश की उक्त सभा को विफल बनाने वालों ने ही उक्त गहरी साजिश रची है।

इसके पीछे तर्क है कि उक्त परचा में सिर्फ राज्य सरकार को निशाना बनाया गया है, जबकि अमूमन नक्सली राज्य एवं केंद्र दोनों ही सरकारों के विरुद्ध हैं।

………..बिहारशरीफ से  अरुण कुमार मयंक की रिपोर्ट

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