पीएम मोदी के भ्रष्टाचार की मुहिम का हिस्सा बनना चाहा, हो गया बर्खास्तः तेज बहादूर

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नई दिल्ली (एजेंसी)। बीएसएफ ने खराब खाने की शिकायत करने वाले जवान तेज बहादुर यादव को बर्खास्त कर दिया है। उन्हें सुरक्षा बल पर झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया गया है।

उधर, बर्खास्त जवान तेज बहादुर की पत्नी ने सोशल साइट पर जारी अपने वीडियो बयान में कहा है कि बीएसएफ की इस कार्रवाई से लोग अपने बेचों, भाईयों और पतियों को सेना में नहीं भेजना चाहेगी।

विदित हो कि नौ जनवरी को सोशल मीडिया पर जवानों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत की थी। बीएसएफ के आधिकारिक बयान के मुताबिक तेज बहादुर को सुरक्षा बल पर झूठे आरोप लगाने का दोषी पाया गया है।

सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेज बहादुर अनुशासनहीनता के मामले में भी दोषी साबित हुए हैं। उनका यह भी कहना था कि वे तीन महीने के भीतर इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं।

बर्खास्त होने के बाद  तेज बहादुर ने उनका पक्ष न सुने जाने की शिकायत की है। एक चैनल से बातचीत में उनका कहना था, ‘मुझे अपनी बात रखने का मौका ही कहां दिया गया। मुझे इतने दिनों तक गिरफ्तार करके रखा गया। मैंने ऊंचे लेवल पर हर जगह शिकायत की थी। कहीं सुनवाई नहीं हुई। मुझे बर्खास्त करने में भी नियमों का ध्यान नहीं रखा गया।’

तेज बहादुर ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने की बात भी कही है। उनका कहना है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का हिस्सा बनना चाहते थे।

इससे पहले गृह मंत्रालय ने बीएसएफ से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था। सुरक्षा बल ने अपनी जांच रिपोर्ट में तेजबहादुर के आरोपों को गलत बताया था। इसके साथ ही कहा गया कि जवान ने पहले भी कई बार अनुशासन तोड़ा है। बीएसएफ ने अपनी रिपोर्ट में तेजबहादुर के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।

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