पीआरडी में विशिष्ट अतिथि बनकर आता था महापापी ब्रजेश ठाकुर

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“उसे तत्कालीन प्रधान सचिव बी मेहरोत्रा का था वरदहस्त प्राप्त”

पटना (विनायक विजेता)।  मुजफ्फरपुर अल्पावास गृह मामले का महापापी ब्रजेश ठाकुर के संबंध राजनेताओं और और ब्यूरोक्रेट्स से किस तरह थे, इसका लगातार खुलासा कर इस मामले की गहराई तक पहुंच सच को सामने लाने की कोशिश है।

इस कड़ी में हम एक ऐसा खुलासा कर रहें हैं कि आप सब भी दांतों तले अंगुली दबा लेंगे। अपने बूरे कर्मो के कारण आज ब्रजेश ठाकुर भले ही जेल में हो पर उसकी पहुंच कहां तक थी, इसका ज्वलंत उदाहरण और  एक अकाट्य साक्ष्य फिर से हाथों लगा है।

ब्रजेश ठाकुर पर वह कहावत चरितार्थ होती है कि ‘जब सैंया भये कोतवाल, तब डर काहे का।’ कई आईएएस और आईपीएस से काफी घनिष्ट संबंध रखने वाले ब्रजेश ठाकुर की पटना स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के प्रधान कार्यालय में वही पैठ और रुतबा था, जो यहां पदस्थापित बड़े अधिकारियों का था।

इसका कारण था ब्रजेश ठाकुर का पीआरडी के तत्कालीन प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा से घनिष्ट संबंध। ब्रजेश की इस विभाग और इसके प्रधान सचिव बी मेहरोत्रा से कैसे तालुक्कात थे, इसका उदाहरण तस्वीरों में देखा जा सकता है।

बात 16 नवंबर 2016 की है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा ‘प्रेस दिवस’ के अवसर पर पटना में ‘मीडिया और उसकी चुनौतियां’ विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित था। उस वक्त ब्रजेश मेहरोत्रा इस विभाग के प्रधान संचिव थे।

इस कार्यक्रम में अलिखित तौर पर ब्रजेश ठाकुर को मुजफ्फरपुर से समारोह के विशिष्ट अतिथि के रुप में बुलाया गया था। यहां तक कि प्रधान सचिव की मौजूदगी में ब्रजेश ठाकुर ने ही दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया था।

सूत्रों के अनुसार तब कार्यक्रम में पीआरडी के एक ईमानदार पर बेबाक माने जाने वाले पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिन्हें यह सब नागावार गुजरा। पर बड़े हाकिम के सामने वह कुछ बोल न सके।

उक्त अधिकारी कि कुछ माह पूर्व हर्ट अटैक से मृत्यु हो गई। ब्रजेश का पीआरडी में इतनी पहुंच और बोलबाला था कि छोटे अखबार तो दूर पटना के बड़े अखबार भी विज्ञापन के लिए उससे ही संपर्क करते थे।

एक और तस्वीर प्राप्त हुई है, जिसमें कभी मुजफ्फरपुर में पदस्थापित एक वरीय आईपीएस अधिकारी ब्रजेश ठाकुर की संस्था के कार्यालय में उससे बात करते दिखाई पड़ रहें हैं। आगे भी इस मामले में कई तल्ख सच्चाई से रुबरु कराएगें।

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