पार्टी नेता पुत्री से प्रेम विवाह करने वाला पूर्व रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष लापता

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  • आखिर छात्र नेता रवि उज्जवल को धरती निगल गई या आसंमा खा गया

  • बीते 9 दिनों से लापता है छात्र रालोसपा का पूर्व प्रदेश अध्यक्ष

  • भाई ने किया सत्यानंद दांगी परिवार पर रवि को गायब करने का मुकदमा

  • उधर रवि और रेणुका रानी की ‘फेसबुक’ बयां कर रही अलग ‘प्रेम-कहानी’

पटना (विनायक विजेता)। बीते 25 अगस्त की शाम से रहस्यमय ढंग से लापता बिहार प्रदेश छात्र रालोसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि उज्जवल का अबतक कोई सुराग नहीं मिला है।

रवि उज्जवल ने बीते वर्ष 30 अगस्त को रालोसपा के प्रदेश महासचिव सत्यानंद दांगी की बेटी रेणुका रानी से प्रेम विवाह (कोर्ट मैरेज) किया था। तब रेणुका पटना साईंस कॉलेज में एमएससी, जीव-विज्ञान की छात्रा थी।

रेणुका और रवि उज्जवल ने यह प्रेम विवाह रेणुका के परिवार के विरोध के बावजूद किया था। जिसके कारण रेणुका के परिजनों की ओर से रवि को रेणुका को तलाक देने के लिए अक्सर धमकियां मिलती थी।

रवि शिवपुरी के रोड नंबर-एक में एक किराए के मकान में रहता था। रवि के रहस्यमय ढंग से लापता होने के संदर्भ में उसके बड़े भाई विनोद कुमार सिंह ने कदमकुआं में भारतीय दंड विधान की धारा 363 के तहत प्राथमिकी (506/18) बीते 29 अगस्त को दर्ज कराई है।

प्राथमिकी में कहा गया है कि ‘कुछ माह पूर्व उसके भाई के सास-सुसुर ने छोटे भाई के घर आना जाना शुरु कर दिया था। इसी क्रम में वो हमारे भाई की पत्नी रेणुका को 6-7 दिनों के लिए अपने घर ले गए। जब हमारा भाई पत्नी को वापस लाने गया तो उसके साथ बदसलूकी की गई और पहले जमीन-जायदाद रेणुका के नाम पर लिखने को कहा गया।

रेणुका के भाई रवि रौशन ने रवि उज्जवल पर अपनी बहन को तलाक देने अन्यथा जान से मार देने की धमकी दी थी। इसके बाद से उनका भाई काफी तनाव में था।’

सनद रहे कि रेणुका रानी छात्र रालोसपा की तरफ से पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद की उम्मीदवार भी बनाई गई थी।

गौरतलब है कि एक ही पार्टी में होने के कारण सत्यानंदा दांगी व रवि उज्जवल का अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा से काफी अच्छे संबंध हैं।

इस मामले में जब अपने स्तर से मामले की पड़ताल करते हुए रवि उज्जवल और रेणुका रानी के फेसबुक प्रोफाईल और उसमें डाली गई तस्वीरों को खंगालना शुरु किया  तो रेणुका रानी द्वारा डाले गए तस्वीरें दूसरी कहानी कहती नजर आई।

रवि उज्जवल ने अपने फेसबुक पर अपनी पत्नी के साथ जितनी भी तस्वीरें लगाईं हैं उन सभी तस्वीरों में रेणुका की मांग में सिंदूर है। पर रेणुका ने अपने प्रोफाइल में जितनी भी तस्वीरें लगाई हैं उसमें उसकी मांग में कहीं भी सिंदूर नहीं दिख रहा।

पति के साथ रहने पर सिंदूर और मायके में मांग में सिंदूर नहीं? यह क्या इशारा करता है! निश्चित है कि रेणुका या तो अपने मायके के दवाब में ऐसा कर रही है या तो फिर उसका अपने पति से काफी कटू संबंध हो गए हैं, जिसकी परणति तलाक भी हो सकती है।

यहां तक कि बीते 1 मार्च को रेणुका द्वारा अपने भाई की शादी के डाली गई दर्जनों तस्वीरों में कहीं रवि उज्जवल की तस्वीर नहीं है, जबकि रवि उज्जवल द्वारा इसी शादी की 27 फरवरी को डाली गई एक तस्वीर जिसमें वर-वधू के साथ केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा मौजूद हैं, उसमें रवि साफ दिख रहा है।

रेणुका के टाईम लाईन में भी न तो कहीं रवि उज्जवल का नाम है न ही रवि के साथ उसकी कोई तस्वीर। रवि की प्रोफाइल पर 1 अगस्त को रवि के बर्थ-डे के अवसर पर रवि और रेणुका एक दूसरे को केक खिलाते दिख रहे हैं पर उसमें भी रेणुका रवि की ओर से मुंह फेर केक लेती दिख रही है।

रेणुका का फेसबुक प्रोफाइल बीते 30 जुलाई तक अपडेट है जबकि रवि उज्जवल का अपडेट 25 अगस्त को 12:40 बजे तक का है जिसमें उसने बीपी मंडल की एक तस्वीर शेयर किया है। इसी दिन शाम से रवि उज्जवल रहस्यमय ढंग से लापता है।

रेणुका के फेसबुक प्रोफाईल से यह साफ जाहिर है कि चाहे पारिवारिक दवाब में चाहे कोई अन्य कारण क्यूं न हो रवि के बर्थ-डे (1 अगस्त) के बाद से दोनों में मधुर संबंध नहीं थे। जिस कारण रवि डीप्रेशन में भी था।

इस मामले में पूछे जाने पर कदमकुआं के थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच चल रही है।

इधर, अपनी ही पार्टी के दो परिवारों के बीच इस गंभीर मामले को लेकर रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा के सामने संशय और उहापोह की स्थिति आ सकती है।

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