पांच जजों की बेंच करेगी सीता सोरेन मामले की सुनवाई

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नई दिल्ली।  झामुमो विधायक सीता सोरेन की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पांच जजों की बेंच का गठन किया है। इस पर सात जुलाई को सुनवाई होगी। सीता सोरेन ने अपने खिलाफ चल रहे हॉर्स ट्रेडिंग मामले को निरस्त करने का आग्रह किया है।

sita sorenसोरेन ने इस याचिका में कुछ संवैधानिक मामलों को उठाया है और कहा है कि उनके खिलाफ जो मामले चल रहे हैं, वे गलत हैं। मामले की सुनवाई सात जुलाई को होगी।

सीता सोरेन ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 194 (2) में यह स्पष्ट कहा गया है कि सदन (विधानसभा) की कार्यवाही में जो भी काम होते हैं, उससे जुडे़ मामले में आपराधिक मामला नहीं चलाया जा सकता, क्योंकि इस अनुच्छेद में सदन के सदस्यों को ऐसी छूट प्रदान की गई है।

राज्यसभा चुनाव भी सदन की कार्यवाही का हिस्सा है। वोटिंग सदन के अंदर होता है। इस कारण उनके खिलाफ जो मामला दर्ज किया गया है, वह गलत है और संविधान इसकी इजाजत नहीं देता। इस कारण उनके खिलाफ चल रहे मामले निरस्त किया जाना चाहिए।

नरसिंह राव केस का दिया हवालाः सीता सोरेन ने अपनी याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव और झामुमो रिश्वत कांड का हवाला दिया है। इसमें भी सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यीय बेंच ने फैसला दिया था।

इसमें कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 105 (2) में सदन (संसद) के अंदर की कार्यवाही के मामले में मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। इसमें वोटिंग का मामला भी जुड़ा है।

क्या है मामलाः राज्यसभा चुनाव में सीता सोरेन पर पैसे लेकर वोट देने का आरोप है। इस मामले में सीबीआइ ने सीता सोरेन के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

सीता सोरेन ने मामला निरस्त करने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाइकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद सीता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

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