पद्मश्री लेखक-पत्रकार बलबीर दत्त का ‘सफरनामा’

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झारखंड के प्रखर लेखक-पत्रकार बलबीर दत्त का जन्म अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान) के रावलपिंडी नगर में हुआ। इनकी शिक्षा-दीक्षा रावलपिंडी, देहरादून, अंबाला छावनी और रांची में हुई। इन्होंने रांची से पत्रकारिता आरम्भ की और आज से 53 वर्ष पूर्व 1963 में ‘रांची एक्सप्रेस’ के संस्थापक संपादक बने।

साप्ताहिक ‘जय मातृभूमि’ और ‘दैनिक देशप्राण’ का इन्होंने संपादन किया। विगत आधी शताब्दी से भी अधिक समय से श्री दत्त हिन्दी और अंग्रेजी के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर के कई समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं के नियमित लेखन और स्तंभकार के रूप में लेखन कार्य करते आ रहे हैं। अब तक इनके अनेक लेख शोध आधारित पत्रकाओं में प्रकाशित हुए है।

बलबीर दत्त साउथ एशिया फ्री मीडिया स्थान एसोसिएशन की कार्यकारणी के सदस्य रहे। यह एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया व नेश्नल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के सदस्य हैं। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य रह चुके हैं।

श्री दत्त पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रांची विशवविद्यालय के संस्थापक सदस्य स्थायी सलाहकार एवं अतिथि व्याख्याता रहे हैं तथा रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष हैं। इन्होंने पत्रकारिता के सिलसिले में ब्रिटेन, फ्रांस, नीदरलैंड, डेनमार्क, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, जर्मनी, स्विटजरलैंड, इटली, नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर आदि देशों की यात्रा की है।

इनकी बहुचर्चित प्रकाशित पुस्तकें है- सचित्र वृहत ग्रंथ- ‘कहानी झारखंड आंदोलन की’, ‘इतिहास से साक्षात्कार’ और ‘सफरनामा पाकिस्तान’। जयपाल सिंह की जीवनी, ‘विभिन्न यात्रा वृतांत’, ‘भारत विभाजन’, ‘पाकिस्तान’, ‘राजनीति तथा पत्रकारिता’ से संबंधित इनकी कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके है, जिनमें उल्लेखनीय है- राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण ट्रस्ट, नयी दिल्ली द्वारा राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार, विश्व संवाद केंद्र द्वारा देशरत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद पत्रकारिता शिखर सम्मान, झारखंड सरकार द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड एवं साईनाथ, आगरा द्वारा झारखंड गौरव सम्मान।  (साभारः रांची एक्सप्रेस)

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